कौन हैं KM जोसेफ? जिन्होंने नफरती भाषण पर FIR कराने से लेकर लिए कई अहम फैसले
रिटायरमेंट से एक दिन पहले यानी जस्टिस जोसेफ ने कोल इंडिया लिमिटेड से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पर भी प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 लागू होगा।
जस्टिस केएम जोसेफ शुक्रवार यानी आज सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में रिटायर हो रहे हैं। हालांकि, उन्हें गर्मियों की छुट्टियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के बंद होने से पहले अंतिम कार्य दिवस यानी 19 मई को गर्मजोशी के साथ विदाई दे दी गई थी। जस्टिस जोसेफ ने अपने कार्यकाल में कई अहम फैसले लिए।
यह वहीं जस्टिस हैं, जो राफेल फाइटर जेट्स की खरीद पर पीएम मोदी सरकार को क्लीन चिट देने वाले बैच का हिस्सा थे। ऐसे ही कई अहम फैसले जस्टिस ने सुनाए हैं। आइए आपको रूबरू कराते हैं जस्टिस केएम जोसेफ से...

जस्टिस परिवार में जन्में, पिता के पदचिन्हों पर चले
केएम जोसेफ का जन्म केरल के कोट्टायम में 17 जून 1958 में एक जस्टिस के परिवार में ही हुआ था। इनके पिता के के मैथ्यू भारत के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और 10वें लॉ कमिशन के चेयरमेन थे। उन्होंने कोच्चि और नई दिल्ली से अपनी सेकेंडरी एजुकेशन पूरी की। बाद में उन्होंने ग्रेजुएशन और आगे की पढ़ाई के लिए चेन्नई के लोयोला कॉलेज और केरल के एर्नाकुलम नगर स्थित गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में एडमिशन लिया।
12 जनवरी 1982 को केएम जोसेफ ने एक वकील के रूप में नॉमिनेशन किया। उसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी। एक बाद यानी 1983 में केरल के हाई कोर्ट में प्रैक्टिस की। तीन साल बाद यानी 1986 में जोसेफ ने इंडिपेंडेंट प्रैक्टिस शुरू कर दी। नागरिक, संवैधानिक और रिट मामलों में विशेषज्ञता हासिल की।
ये लिए बड़े फैसले
- प्राचीन, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के बदले नाम फिर से रखने के लिए पुनर्नामकरण आयोग के गठन का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस जोसेफ ने कहा कि वह ईसाई हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें हिंदू धर्म से लगाव है।
- उत्तराखंड में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार द्वारा 2016 में राष्ट्रपति शासन लगाने को रद्द किया
- अलाप्पुझा जिले में नेदियाथुरुथु द्वीप पर अवैध रूप से निर्मित कपिको रिसॉर्ट्स को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
- सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जोसेफ ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा करने का फैसला दिया।
- अप्रैल 2023 में सभी राज्यों को बिना किसी शिकायत के नफरत फैलाने वाले भाषण देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
- राफेल फाइटर जेट्स की खरीद पर मोदी सरकार को क्लीन चिट देने वाले बैच का जोसेफ हिस्सा रहे।
- रिटायरमेंट से एक दिन पहले यानी जस्टिस जोसेफ ने कोल इंडिया लिमिटेड से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पर भी प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 लागू होगा।
एक नजर में जोसेफ का सफर
- 17 जून 1958- केरल के कोट्टायम में एक जस्टिस के परिवार में केएम जोसेफ का जन्म हुआ।
- 12 जनवरी 1982 - वकील के रूप में नॉमिनेशन किया और दिल्ली हाई कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
- 1983- केरल के हाई कोर्ट में प्रैक्टिस की।
- 1986- जोसेफ ने इंडिपेंडेंट प्रैक्टिस शुरू की।
- 14 अक्टूबर, 2004- केरल हाई कोर्ट के जज बने।
- 18 जुलाई, 2014- उत्तराखंड के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त हुए।
- अगस्त 2018- सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनें।
जून माह में सुप्रीम कोर्ट के ये 3 जस्टिस हो रहे रिटायर
- 16 जून यानी आज जस्टिस जोसेफ
- 17 जून को जस्टिस अजय रस्तोगी
- 29 जून को जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन












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