न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर बने देश के 44 वें मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिलाई शपथ
न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर अब देश के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका कार्यकाल इसी साल अगस्त में पूरा हो जाएगा।
नई दिल्ली। जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने देश के 44वें भारत के चीफ जस्टिस की शपथ बुधवार सुबह ली। भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खेहर को शपथ दिलाई। बता दें कि इनका कार्यकाल 27 अगस्त तक के लिए होगा। खेहर का कुल कार्यकाल 8 महीने का होगा। शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारतीय जनता पार्टी नेता लाल कृष्ण आडवाणी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे। खेहर, ऐसे पहले सिख जस्टिस हैं, जिन्होंने बतौर चीफ जस्टिस शपथ ली। बता दें कि भारत के चीफ जस्टिस रहे तीरथ सिंह ठाकुर का कार्यकाल 3 जनवरी को खत्म हो गया। साथ ही जस्टिस ठाकुर ने जस्टिस खेहर के नाम का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखा था। जस्टिस जगदीश सिंह खेहर का जन्म 28 अगस्त 1952 को हुआ था। 1974 में चंडीगढ़ के गवर्नमेंट कॉलेज से उन्होंने साइंस में ग्रेजुएशन किया।

उसके बाद 1977 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। 1979 में इसी यूनिवर्सिटी से उन्होंने एलएलएम किया जिसमें उनको गोल्ड मेडल मिला। जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने 1979 में वकील की प्रैक्टिस शुरू की। उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट, शिमला और सर्वोच्च न्यायालय में वकील के तौर पर अपनी सेवाएं दीं। 1992 के जनवरी में जस्टिस खेहर पंजाब के एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किए गए। इसके बाद उनको केंद्र शासित राज्य चंडीगढ़ का सीनियर स्टैंडिग काउंसेल बनाया गया।
1995 में वे सीनियर एडवोकेट बने।1999 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के बेंच में जस्टिस खेहर की पदोन्नति हुई। 2008 और 2009 में वे पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के दो बार एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे। इसके बाद 2009 में ही वे उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ न्यायाधीश बने। 2010 में न्यायाधीश खेहर का ट्रांसफर कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ न्यायाधीश के तौर पर किया गया। 2011 में वो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। ये भी पढ़ें: भारत के नए चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर के बारे में जानिए












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