Joshimath Sinking : PMO ने हाईलेवल बैठक में हालात की समीक्षा की, एक्सपर्ट टीम मौके पर जाएगी

उत्तराखंड का जोशीमठ बड़ी त्रासदी की आशंका से जूझ रहा है। जोशीमठ में रहने वाले लोगों के घरों में दरारों की तस्वीरें डरा रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा की।

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Joshimath Sinking प्रकरण में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने जोशीमठ से प्रधानमंत्री कार्यालय को जानकारी दी। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा को जोशीमठ समीक्षा बैठक में अवगत कराया गया कि भारत सरकार की एजेंसियां और विशेषज्ञ लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजना तैयार करने में राज्य सरकार की सहायता कर रहे हैं।

आपदा प्रबंधन अधिकारी लेंगे जायजा

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम और राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की चार टीमें पहले ही जोशीमठ पहुंच चुकी हैं। जोशीमठ भू धंसाव मामले में सीमा प्रबंधन सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सोमवार को उत्तराखंड का दौरा करेंगे। अधिकारी जोशीमठ की स्थिति का जायजा लेंगे।

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    जोशीमठ में विशेषज्ञों की टीम

    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, आईआईटी रुड़की, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी एंड सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों की टीम अध्ययन करने के बाद सरकार को सिफारिशें सौंपेगी।PMO की बैठक के बारे में उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू ने कहा, "सबसे पहले तो ये कोशिश है कि किसी का नुकसान न हो, जहां खतरा हो वहां से लोगों को शिफ्ट किया जाए और कारणों का पता जल्द लगाया जाए। भारत सरकार ने विशेषज्ञों से बात की है। कल विशेषज्ञों की टीम जोशीमठ पहुंच रही है।

    सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील

    मुख्य सचिव ने कहा कि देश के विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम द्वारा भूस्खलन के कारणों का पता लगाया जा रहा है और जो भी उपचार आवश्यक होगा, वह यहां किया जाएगा। संधू ने कहा, "तात्कालिक स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और स्थानीय प्रशासन इसके लिए लगातार काम कर रहा है।" उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी सूरत में जोखिम न उठाएं। ऐसे में नुकसान ज्यादा हो सकता है। उन्होंने कहा, ''जिला प्रशासन की ओर से जहां व्यवस्था की गई है, वहां जल्द से जल्द शिफ्ट करें।''

    मुख्यमंत्री धामी से पीएम मोदी ने ली जानकारी

    पीएम मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की और भूस्खलन की घटना के मद्देनजर जोशीमठ के प्रभावित निवासियों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, पीएम मोदी ने निवासियों की चिंताओं को कम करने और हल करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक कार्य योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

    प्रधानमंत्री ने CM को दिया आश्वासन

    मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से जोशीमठ में स्थिति और क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहे काम की निगरानी कर रहे हैं। पीएम मोदी ने सीएम धामी के साथ टेलीफोन पर बातचीत में जोशीमठ को बचाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया।

    रैन बसेरों में सिर छिपा रहे पीड़ित

    समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक मकानों में दरारें आने के बाद जोशीमठ से अब तक कुल 66 परिवार पलायन कर चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित लोग, उनके परिवार और बच्चे वर्तमान में रैन बसेरों में रह रहे हैं।

    पलायन की मजबूरी

    स्थानीय लोगों ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया है कि उन्हें प्री-फैब्रिकेटेड मकान मिलेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मकान आवंटित होने में कितना लंबा समय लगेगा, इसकी जानकारी नहीं है।

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