मोदी ने कहा- आतंकवाद मानवता का दुश्मन, ब्रिटिश पीएम भी सहमत
दोनों ही इस बात पर भी सहमत हुए कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह हर देश की समस्या है, जो मानवता को नुकसान पहुंचा रही है।
नई दिल्ली। नरेन्द्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने दिल्ली में साझा बयान दिया। इस बयान में सबसे पहले पीएम मोदी ने बोलना शुरू किया और फिर उनके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा ने अपनी बात सबके सामने रखी।

क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम से कहा कि पिछले हफ्ते भारत में कई उत्सव थे और आपने भी दिवाली मनाई। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे के साथ चर्चा में हमने कई मुद्दों पर साथ काम करने के लिए सहमति व्यक्त की है।
उन्होंने बताया कि दोनों ने मिलकर व्यापार को लेकर एक ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाने का भी फैसला किया है। दोनों ही इस बात पर भी सहमत हुए कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं है, बल्कि यह हर देश की समस्या है, जो मानवता को नुकसान पहुंचा रही है।
दोनों के बीच हुई चर्चा में पीएम मोदी ने सीमा पार से अतंकवाद को बढ़ावा दिए जाने का मुद्दा भी उठाया और अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी द्वारा इस पर कड़े कदम उठाए जाने की बात कही। उन्होंने ऐसे देशों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।
साथ ही, उन्होंने ब्रिटिश कंपनियों को भारत के डिफेंस सेक्टर में निकलने वाले मौकों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने ब्रिटिश कंपनियों को भारतीय एंटरप्राइज के साथ पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया।उन्होंने यूएनएससी और एनएसजी में भारत की सदस्यता के लिए ब्रिटेन के समर्थन के लिए धन्यवाद कहा।
क्या बोलीं थेरेसा मे?
ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने भारत के छात्रों को ब्रिटेन आकर पढ़ाई करने के लिए आमंत्रित किया। वे बोलीं कि पीएम मोदी और मैंने ब्रिटिश-भारत पार्टनरशिप को लेकर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हम दोनों ही देश आतंकवाद से परेशान हैं। हम दोनों ने ही हिंसात्मक लोगों द्वारा इंटरनेट के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए भी चर्चा की।
भारत और ब्रिटेन दोनों ही साइबर अटैक से परेशान हैं। आतंकवादी और अपराधी साइबर स्पेस का इस्तेमाल करके कई गलत काम कर रहे हैं। दोनों ही देशों के बीच एक साइबर फ्रेमवर्क बनाने पर दोनों ही देशों ने सहमति जताई है।












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