नौकरी देने में देश का यह शहर बन गया है नंबर-1, दिल्ली और मुंबई पीछे छूटे-रिपोर्ट
देश में नौकरी देने के मामले में मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहर पीछे छूट गए हैं। बैंगलुरु और पुणे जैसे शहरों का तो काफी बुरा हाल हो चुका है। नौकरी के लिए कुछ चर्चित सेक्टर भी पीछे हो गए हैं।

Job Alert: देश में सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले शहरों का नाम पूछा जाएगा तो जाहिर है कि सबसे पहले जुबान पर दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों का नाम आएगा। लेकिन, अब यह सोच बदलने की जरूरत है। हायरिंग ऐक्टिविटी को ट्रैक करने वाली एक संस्था की हालिया रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इसके अनुसार नौकरी देने में पिछले कुछ समय में अहमदाबाद ने जिस तरह से अपना दिल खोला है, वह चौंकाने वाला है। वहां जॉब देने की रफ्तार काफी तेजी हो चुकी है। जबकि, पहले से इस मामले में कुछ चर्चित शहर अब काफी पीछे छूट चुके हैं और कई बड़े शहरों का तो इस मामले में ट्रेंड निगेटिव हो गया है। पढ़िए चौंकाने वाली ये रिपोर्ट

हायरिंग ऐक्टिविटी में अहमदाबाद बना नंबर- 1
लाइवमिंट डॉट कॉम ने फाउंडिट ट्रैकर रिपोर्ट के आधार पर बताया है कि गुजरात का अहमदाबाद शहर हायरिंग ऐक्टिविटी या नौकरी देने के मामले में देश का सबसे अगुवा शहर बनकर उभरा है। जितने भी ऑनलाइन भर्ती प्लेटफॉर्म पर नौकरियों के आवेदन आते हैं या गतिविधियां चलती हैं, उसका फाउंडिट इनसाइट्स ट्रैकर (fIT) एक विस्तृत मासिक विश्लेषण है। साल-दर-साल के आधार पर अहमदाबाद ने नौकरी देने के मामले में 16% का विकास दर्ज किया है। अहमदाबाद को यह सफलता मुख्य रूप से एडवरटाइजिंग, एमआर एंड पीआर और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस क्षेत्र (BFSI industry) की वजह से मिली है।

चंडीगढ़ ने भी कर रहा है अच्छा प्रदर्शन
लंबे समय बाद इस साल (2023) के जनवरी में चंडीगढ़ ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। यहां हायरिंग या भर्ती के मामलों में 6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लेकिन, महानगरों के मामले में मुंबई का विकास अब भी कायम है और इसने 7% की वृद्धि दर्ज करके अपनी मजबूती बनाए रखी है। जबकि, दिल्ली-एनसीआर ने पिछली तिमाही में गिरावट का ट्रेंड दिखाने के बाद 4% का उछाल दिखाते हुए अपना जलवा बरकरार रखने का संकेत दिया है।

इन बड़े शहरों का निगेटिव ट्रेंड कायम
लेकिन, नौकरी देने के मामले में देश के कई बड़े शहरों ने जनवरी में सालाना विकास का निगेटिव ट्रेंड कायम रखा है। इन शहरों में कोलकाता (-25%), हैदराबाद (-7%), बैंगलुरू (-13%),चेन्नई (-9%), वडोदरा (-7%), कोच्चि (-6%), पुणे (-3%), जयपुर (-2%) और कोयंबटूर (-2%) शामिल हैं। मतलब, यहां नौकरी की गतिविधियों में लगातार शिथिलता बनी हुई नजर आ रही है। रिपोर्ट इस लिहाज से चौंकाने वाला है, क्योंकि अभी तक हैदराबाद, पुणे और बैंगलुरू जैसे शहरों को हायरिंग के लिए सुपर ऐक्टिव शहरों में गिना जा रहा था। जबकि, अहमदाबाद का राष्ट्रीय मानचित्र में नंबर वन बनकर उभरना बहुत बड़ी बात लग रही है।

इन सेक्टरों में हायरिंग गतिविधि में तेजी
इस रिपोर्ट (fIT) के मुताबिक एक साल पहले के मुकाबले 13 शहरों में से 4 में ई-रिक्रूटमेंट की गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है। सभी महानगरों में इंजीनियरिंग, सीमेंट, कंस्ट्रक्शन, आयरन/स्टील ने महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज किया है। शायद यही वजह है कि 2022 के जनवरी के मुकाबले 2023 के जनवरी में एचआर और एडमिन की भूमिकाओं की मांग भी उच्च स्तर पर पहुंची है। अगर इस सेक्टर में हायरिंग की गतिविधियां बढ़ रही हैं, तो सीधा मतलब है कि देश की अर्थव्यस्था में जो तेजी आने के दावे किए जाते रहे हैं, उससे यह मेल खाती है। क्योंकि, ये सारे सेक्टर उसी के मानक के अनुरूप माने जा सकते हैं।
Recommended Video

कुछ सेक्टर कर रहा है निराश
लेकिन,फाउंडिट (पहले Monster) इनसाइट्स ट्रैक (fit) के मुताबिक जनवरी 2023 के लिए कुछ सेक्टर में जॉब की डिमांड में कमी दर्ज की गई है। मसलन, प्रोडक्शन एंड मैन्युफैक्चरिग में 8%, हेल्थकेयर में 7%, आईटी हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर में 7%, टेलीकॉम में 5% और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस में 3% की कमी आई है। हालांकि, ये सारे ऐसे सेक्टर हैं, जहां हायिरंग की काफी संभावनाएं रहती हैं।












Click it and Unblock the Notifications