JNU violence पर बोलीं स्मृति ईरानी, कहा-छात्रों को राजनीतिक मोहरा नहीं बनाना चाहिए
नई दिल्ली। राजधानी के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा के खिलाफ मुंबई और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, चारों ओर इस हिंसा की कड़ी आलोचना हो रही है, इस बारे में जब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच शुरू हो गई है, इसलिए इस वक्त इसके बारे में कुछ कहना सही नहीं होगा, लेकिन विश्वविद्यालयों को राजनीति का अड्डा नहीं बनाया जाना चाहिए, न ही विद्यार्थियों को राजनैतिक मोहरों की तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
'छात्रों को राजनीतिक मोहरा नहीं बनाना चाहिए'
मालूम हो कि कल जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष पर हमला हुआ है, इस हमले में आइशी के सिर में गंभीर चोट आई है, इस पूरी घटना के लिए जेएनयू छात्र संघ ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को जिम्मेदार ठहराया है तो वहीं एबीवीपी ने प्रेस रिलीज जारी कर ये दावा किया है कि इस हमले के पीछे लेफ्ट विचारधारा वाले संगठनों का हाथ है।

नकाबपोश हमलावरों ने कैंपस के भीतर जमकर मारपीट की...
गौरतलब है कि विवि में रविवार को जिस तरह से नकाबपोश हमलावरों ने कैंपस के भीतर जमकर मारपीट की और तोड़फोड़ मचाई उसके बाद यहां के हालात काफी तनावपूर्ण हैं। कैंपस के भीतर हुई हिंसा के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और वह दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं, मालूम हो कि जेएनयू के भीतर रविवार को तमाम नकाबपोश हाथ में डंडे, रॉड, हॉकी लेकर पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों पर हमला कर दिया, यही नहीं इन लोगों ने कैंपस के भीतर जमकर तोड़फोड़ की, जिसके बाद प्रशासन को कैंपस के भीतर पुलिस को बुलाना पड़ा।
शांति बनाए रखने की अपील
कैंपस में हिंसा की जांच की जिम्मेदारी जॉइंट सीपी (वेस्टर्न रेंज) शालिनी सिंह को दी गई है, तो वहीं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंसा को लेकर जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने जेएनयू में हुई हिंसा की निंदा की है और छात्रों से कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की है।












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