JNU violence: कई यूनिवर्सिटी के छात्रों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ किया प्रदर्शन
नई दिल्ली। राजधानी के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में कल शाम जमकर बवाल हुआ, विवि में रविवार को जिस तरह से नकाबपोश हमलावरों ने कैंपस के भीतर जमकर मारपीट की और तोड़फोड़ मचाई उसके बाद यहां के हालात काफी तनावपूर्ण हैं। कैंपस के भीतर हुई हिंसा के खिलाफ छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और वह दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी, कोलकाता विवि समेत कई विश्वविद्यालयों के छात्र दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे हैं तो कई विश्वविद्यालयों के अध्यापक भी अब जेएनयू छात्र संघ के समर्थन में आ गए हैं।
जेएनयू में हिंसक घटना के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा
जेएनयू में हिंसक घटना के खिलाफ आज सुबह आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया तो वहीं अध्यापकों ने भी जेएनयूएसयू के साथ एकजुटता प्रदर्शित की है, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अध्यापक संघ ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
नकाबपोशों ने की विवि में तोड़-फोड़
इस बीच दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल से कैंपस के भीतर हुई हिंसा के बाद बैठक की, मालूम हो कि जेएनयू के भीतर रविवार को तमाम नकाबपोश हाथ में डंडे, रॉड, हॉकी लेकर पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों पर हमला कर दिया। यही नहीं इन लोगों ने कैंपस के भीतर जमकर तोड़फोड़ की, जिसके बाद प्रशासन को कैंपस के भीतर पुलिस को बुलाना पड़ा।
निशंक ने मांगी जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट
कैंपस में हिंसा की जांच की जिम्मेदारी जॉइंट सीपी (वेस्टर्न रेंज) शालिनी सिंह को दी गई है, तो वहीं केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हिंसा को लेकर जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने जेएनयू में हुई हिंसा की निंदा की है और छात्रों से कैंपस में शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'JNU में हुई हिंसा अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं परिसर के भीतर हुई हिंसा की निंदा करता हूं। मैं सभी विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय की गरिमा और परिसर में शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।'












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