नीतीश कुमार से मिलने के बाद फिर बदले मांझी के सुर, बोले- तानाशाही ना करे राजद
नई दिल्ली। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा है कि राजद नेता तानाशाही का रवैया अपना रहे हैं। बुधवार को मांझी ने कहा, राजद के प्रदेश अध्यक्ष किसी की सुनते ही नहीं है, उनको इस तरह नहीं करना चाहिए, ये ज्यादा नहीं चल पाएगा। मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार के साथ बैठक पर मांझी ने कहा कि वो सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी।

जीतनराम मांझी की पार्टी 'हम' राजद की अगुवाई वाले गठबंधन का हिस्सा है। माना जा रहा है कि उनकी गठबंधन में पट नहीं रही है। वो महागठबंधन में समन्वय समिति नहीं बनाए जाने से नाराज चल रहे हैं। उन्होंने राजद को इसके लिए 31 मार्च तक अल्टीमेटम भी दे दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर आरजेडी का रवैया नहीं बदला तो वे मार्च के बाद बड़ा फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हो जाएंगे।
इसके बीच नीतीश कुमार के साथ बैठक ने भी कई चर्चाओं के जन्म दिया है। इसके बाद मंगवार को मांझी ने नीतीश से मुलाकात के साथ करीब एक घंटे बैठक की। नीतीश कुमार की जदयू एनडीए का हिस्सा है। मांझी की सफाई के बावजूद ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि हम आने वाले समय में एनडीए का हिस्सा हो सकती है। बिहार में इसी साल विधानसभा का चुनाव होना है।
मांझी को लेकर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि अगर समन्वय समिति नहीं थी तो उनके बेटे को एमएलसी किसने बनाया। हम सब बैठकर ने ही यह फैसला लिया। महागठबंधन के सभी दल के नेता आपस में बात करते ही हैं तो समन्वय समिति और क्या होती है। उन्होंने कहा कि मांझीजी को जो मिला राजद ने अपने कोटे से दिया। तीन लोकसभा की सीट भी दी। दूसरी जगह क्या मिला या मिलेगा सब जानते हैं।












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