'लड़की को जिंदा जलाना हैवानियत', असदुद्दीन ओवैसी बोले शाहरूख को मिले सख्त से सख्त सजा
नई दिल्ली, 30 अगस्त: एकतरफा प्यार में शाहरूख नाम के शख्स ने झारखंड के दुमका जिले में 12वीं की छात्रा को जिंदा जलाकर मार डाल। इस जघन्य घटना के बाद से पूरे राज्य में आक्रोश है। तो वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी का इस घटना पर बयान सामने आया है। ओवैसी ने इस घटना को मजम्मत और उसे हैवानियत की मिसाल बताया।
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एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'झारखंड के दुमका जिले में जो घटना हुई है वो हैवानियत की मिसाल पेश करता है। मैं न सिर्फ इस घटना की निंदा करता हूं, बल्कि झारखंड सरकार से अपील करता हूं कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए।' उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषी को सख्त सजा देने की मांग भी की है। ओवैसी कहा कि इस मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत का गठन किया जाए और आरोपी युवक को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिले।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला झारखंड के दुमका जिले के जरुआडीह इलाके का है। यहां 12वीं की छात्रा को उसी के मोहल्ले का रहने वाला युवक शाहरुख कई महीनों से परेशान कर रहा था। शाहरुख, छात्रा से दोस्ती और शादी का दबाव बना डाल रहा था, लेकिन छात्रा ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया था। जिसके बाद शारूख ने उसे जिंदा जलाने की धमकी भी थी। 23 अगस्त की सुबह, जिस वक्त सभी लोग सो रहे थे तो शाहरुख घर में घुसा और अंकिता पर पेट्रोल डाल कर जिंदा जला दिया था। आग लगने के बाद छात्रा 90 फीसदी तक झुलस गई थी। शनिवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश
12वीं की छात्रा की मौत के बाद दुमका से लेकर रांची तक लोगों में आक्रोश दिया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने छात्रा को इंसाफ की मांग की। लोगों के विरोध को देखते हुए दुमका में धारा-144 लगा दी गई। मामले में सियासत भी शुरु हो गई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रविवार को दुमका कस्बे के दुधानी चौक पर प्रदर्शन किया। बीजेपी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की और झारखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया।












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