जेट एयरवेज मामला: संस्थापक नरेश गोयल के दिल्ली-मुंबई स्थित कई ठिकानों पर ED की छापेमारी
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने जेट एयरवेज के फाउंडर नरेश गोयल की विदेश यात्रा वाली याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी है। बता दें कि यह याचिका नरेश गोयल की ओर से ही लगाई गई थी। जिसमें उन्होंने विदेश जानी का इजाजत मांगी थी। लेकिन हाईकोर्ट पहले ही यह साफ कर चुका है कि ऐसा करने से पहले उनको 18 हजार करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा करनी होगी।

नरेश गोयल ने अदालत में कहा कि वह कथित धोखाधड़ी मामले की जांच में उनका ऑफिस पूरा सहयोग कर रहे हैं। जबकि केंद्र के वकील ने कोर्ट के सामने यह दलील दी कि वो जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने गोयल की अपनी याचिका वापिस लेने की अनुमति दे दी। इधर नरेश गोयल के घर सहित कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी चल रही है। नरेश गोयल के आवासीय परिसरों के साथ ही दिल्ली और मुंबई के अलावा एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों में यह तलाशी चल रही है।
इससे पहले ईडी ने नरेश गोयल से पूछताछ की थी। यह यह पूछताछ जेट एयरवेज में 18 हजार करोड़ रुपये के कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई थी। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने जुलाई 2019 में जेट एयरवेज के मामले की एसएफआईओ जांच का निर्देश दिया था। फिलहाल कंपनी का परिचालन 17 अप्रैल से रोक दिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि 2014 में हुए इस निवेश के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का उल्लघंन किया गया होगा। जेट एयरवेज पर 8500 करोड़ से अधिक का कर्ज है। अगर कर्मचारियों की सैलरी को जोड़ लिया जाए तो यह आंकड़ा 11 हजार करोड़ के अधिक तक पहुंच जाता है।
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