नीतीश कुमार की जेडीयू पर शरद यादव ने ठोका दावा
शरद यादव ने पार्टी में टूट की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिहार में इस समय दो जनता दल यूनाइटेड है। एक जदूय सरकारी है, दूसरी जदयू लोगों की है।
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद शरद यादव ने जेडीयू पर दावा ठोकते हुए कहा है कि ये केवल नीतीश कुमार की पार्टी नहीं बल्कि मेरी भी पार्टी है। जिसके बाद से एक बार फिर से सवाल उठने लगा है कि क्या जेडीयू में दो फाड़ होने वाला है।

जेडीयू केवल नीतीश कुमार की नहीं है
अपनी संवाद यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने मधेपुरा में कहा कि जेडीयू केवल नीतीश कुमार की पार्टी नहीं है वो मेरी भी पार्टी है। शरद यादव ने महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ बिहार में सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले पर भी नाराजगी जाहिर की।

बिहार में इस समय दो जनता दल यूनाइटेड है
शरद यादव ने पार्टी में टूट की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिहार में इस समय दो जनता दल यूनाइटेड है। एक जदूय सरकारी है, दूसरी जदयू लोगों की है। जिस भी विधायक या कार्यकता को अपने निजी हित प्यारे हैं, वह नीतीश कुमार के साथ है। जिन्हें लोगों से सरोकार है, वह हमारे साथ हैं। हालांकि खुद को राज्यसभा में जेडीयू के संसदीय दल के नेता पद से हटाए जाने पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी नहीं की।

मै किसी से डरने वाला नहीं
शरद यादव ने कहा कि जब मैं इंदिरा गांधी से नहीं डरा तो औरों से क्या डरुंगा। उन्होंने कहा मुझे अपने सिद्धांतो पर खड़ा रहने और सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता। शरद यादव ने कहा' पार्टी के जो नेता मेरे साथ हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं मुझे सपोर्ट करने वाले नेताओं को नीतीश के करीबी धमकी भी दे रहे हैं।

नीतीश ने शरद के पर कतरे
इसी बीच खबर ये भी है कि किसी भी वक्त शरद यादव की जेडीयू से विदाई हो सकती है। इसकी शुरूआत पार्टी ने राज्यसभा में अपना नेता बदलकर कर दिया है।जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के बगावती तेवर के बाद पार्टी ने उनके पर कतरने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू ने बड़ा दांव चलते हुए शरद यादव को राज्यसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया है। शरद यादव की जगह आरसीपी सिंह को राज्यसभा में नया नेता चुने जाने का आधिकारिक पत्र सौंप दिया है।












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