भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में लिया नीतीश कुमार से 'बिहार का बदला'
भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार से बिहार का सियासी बदला अरुणाचल प्रदेश में ले लिया है।
नई दिल्ली, 26 अगस्त: देश के अलग-अलग राज्यों में इन दिनों बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार उस वक्त गिर गई, जब शिवसेना के ही नेता एकनाथ शिंदे पार्टी के विधायकों को लेकर भाजपा से मिल गए। इसके बाद बिहार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला और नीतीश कुमार ने एनडीए ने नाता तोड़ते हुए आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर महागठबंधन की नई सरकार का गठन कर लिया। लेकिन, अब भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार से बिहार का सियासी बदला अरुणाचल प्रदेश में ले लिया है।

जेडीयू के इकलौते विधायक BJP में शामिल
दरअसल, अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के इकलौते विधायक हैं टेची कासो, जिन्हें गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी में शामिल कर लिया। टेची कासो के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने भी भाजपा की सदस्यता ली। साथ ही कई जिला परिषद अध्यक्ष और अन्य सदस्य भाजपा में शामिल हुए। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए टेची कासो के साथ अपनी तस्वीर शेयर की और लिखा कि उनके आने से प्रदेश में संगठन और मजबूत होगा।

सदन में 49 हुई भाजपा के विधायकों की संख्या
जेपी नड्डा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'अरुणाचल प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका निभाते हुए, पार्टी में आज शामिल हुए सभी नेता भाजपा की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगे।' आपको बता दें कि जेडीयू विधायक टेची कासो के भाजपा में शामिल होने के बाद 60 सदस्यों वाली अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में पार्टी के विधायकों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है।

जेडीयू के 6 विधायक पहले ही हो चुके हैं भाजपा में शामिल
2019 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू 15 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश की 7 सीटों पर जीत हासिल की। इन 7 सीटों के साथ जेडीयू अरुणाचल प्रदेश में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में 41 सीटों पर जीत मिली। हालांकि, 25 दिसंबर 2020 को जेडीयू के 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद पार्टी का अरुणाचल में केवल एक विधायक बचा, जो गुरुवार भाजपा में आ गया।

बिहार में सत्ता पलटी, नीतीश सीएम-तेजस्वी डिप्टी सीएम
गौरतलब है कि बीते 9 अगस्त को ही बिहार में उस वक्त एक बड़ा सियासी उलटफेर हुआ, जब नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़ लिया। नीतीश कुमार ने पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई और ऐलान किया कि वो एनडीए से बाहर निकल रहे हैं। इसके बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन की सरकार बनाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव इस सरकार में डिप्टी सीएम बने।












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