Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर ललन सिंह के रुख से JDU कितना सहमत, JPC को क्यों भेजा बिल? जानिए सबकुछ
Waqf Bill: केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सदन में वक्फ संशोधन विधेयक का खुलकर समर्थन किया। उनके सदन में बयान में जदयू की बीच दो तरह के बयान सामने आए। हालांकि इस पर जेडीयू चीफ नीतीश कुमार ने अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है, लेकिन उनकी पार्टी के कुछ नेता ललन सिंह के बयान से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उन्होंने बिल को जेपीसी के पास भेजने की फैसले का स्वागत करते हुए कुछ चिंताएं भी व्यक्त की हैं।
केंद्रीय मंत्री और JDU नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में एनडीए सरकार के विवादास्पद वक्फ संशोधन विधेयक का खुलकर समर्थन किया। लेकिन इस बीच ललन सिंह के स्टैंड को लेकर जेडीयू में मतभेद भी सामने आए हैं। ऐसे में जदयू के बीच वक्फ विधेयक को लेकर समर्थन पर एक भ्रम पैदा करने वाली स्थिति भी बनी है।

दरअसल, सीएम नीतीश के कुछ करीबी सहयोगियों ने वक्फ विधेयक पर चर्चा के बीच कुछ मुस्लिम चिंताओं को भी उजागर किया है। शुक्रवार को, बिहार के जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी जद (यू) के वरिष्ठ नेता, विधेयक को भेजने के सरकार के अंतिम निर्णय का स्वागत करते हुए एक अलग रुख अपनाया। उन्होंने विधेयक को संयुक्त जांच समिति के पास भेजने के प्रस्ताव का स्वागत किया।
वहीं जदयू सूत्रों के मुताबिक, वक्फ विधेयक पर ललन सिंह के बयान ने पार्टी रैंक और फाइल में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि पार्टी नेताओं ने अंतिम निर्णय सीएम नीतीश कुमार पर छोड़ दिया है। एक बयान में जदयू नेता विजय चौधरी ने कहा, "चूंकि अल्पसंख्यक समुदाय (मुसलमानों) के बीच गलतफहमियां और आशंकाएं थीं, इसलिए हम विधेयक को संयुक्त समिति को सौंपने के केंद्र के फैसले का स्वागत करते हैं। अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ निपटाना पार्टी का घोषित रुख रहा है।"
वहीं ललन सिंह के बयान पर सवाल को लेकर चौधरी ने कहा कि विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले इसके बारे में अल्पसंख्यक समुदाय की आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिए। चौधरी ने आगे कहा कि कैसे नीतीश के नेतृत्व वाली सरकार मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे मुस्लिम समुदाय को लाभ हो रहा है।
वहीं जेडीयू नेता व पूर्व एमएलसी गुलाम गौस ने वक्फ कानून में संशोधन पर विचार करने से पहले मुस्लिम समुदाय को बातचीत में शामिल करने के संबंध में पीएम मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने विधेयक को जेपीसी के पास भेजे जाने का स्वागत किया और कहा,"वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर मुसलमानों के बीच वैध चिंताएं हैं। इसकी वजह केंद्र की मौजूदा सरकार में भरोसे की कमी है। यह अच्छा है कि इसे समीक्षा के लिए संयुक्त समिति को भेजा गया है।"












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