• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बिहार में JDU एनडीए के साथ, लेकिन इन चार राज्‍यों में अकेले लड़ेगी चुनाव

|

पटना। भाजपा और जेडीयू की मित्रता केवल बिहार तक सीमित है,राज्य के बाहर दोनों पार्टी के बीच दोस्ती नहीं रहेगी, रविवार को जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ये फैसला लिया गया कि जेडीयू झारखंड, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू -कश्मीर में अकेले चुनाव लड़ेगी।

बिहार में JDU एनडीए के साथ,

बिहार में JDU एनडीए के साथ,

इस बारे में बात करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मन में किसी प्रकार का भ्रम या संशय नहीं होना चाहिए, हम लोग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के ही सदस्य हैं और बिहार में 2020 का चुनाव साथ लड़ेंगे लेकिन राज्य के बाहर वह (जेडीयू) अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी।

यह पढ़ें: TMC के गुंडों ने चार BJP कार्यकर्ताओं की हत्या, हम गृहमंत्री को करेंगे रिपोर्ट: मुकुल रॉय

'हम सरकार का हिस्सा नहीं लेकिन एनडीए में शामिल हैं'

इस बारे में बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि बीजेपी अपने सहयोगियों को मंत्रिमंडल में सांकेतिक तौर पर शामिल करना चाहती थी, लेकिन नीतीश कुमार जी ने सौम्य तरीके से इसके लिए मना कर दिया। शपथग्रहण के दिन भी अमित शाह जी का फोन आया था लेकिन उस दिन भी हमने मना कर दिया था, हम सरकार का हिस्सा नहीं होंगे लेकिन एनडीए में हमारी पार्टी बनी रहेगी। पिछली बार भी तकरीबन दो साल बिना किसी मंत्री पद के हमारी पार्टी एनडीए का हिस्सा रही थी।

अरूणाचल में जीती हैं 6 सीटें

अरूणाचल में जीती हैं 6 सीटें

वैसे जेडीयू का ये फैसला थोड़ा चौंकाने वाला है, कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार के बाहर अरूणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जेडीयू को हैरतअंगेज सफलता हाथ लगी थी, उसने यहां की 6 सीटों पर कब्जा किया था, इस सफलता को देखते हुए ही नीतीश कुमार ने ये फैसला लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को कार्यकारिणी ने इस बात के लिए अधिकृत किया है कि वह इन सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक कर अंतिम फैसला लें।

JDU-BJP मिलकर लड़ेगा बिहार विधानसभा चुनाव

JDU-BJP मिलकर लड़ेगा बिहार विधानसभा चुनाव

इससे पहले शनिवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी-जेडीयू में मची खींचतान पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिहार में आगामी विधानसभा का चुनाव भाजपा और जेडीयू मिलकर लड़ेंगे। एनडीए पूरी तरह से एकजुट है, इस पर किसी तरह का सवाल खड़ा करना गलत है। केंद्र में सांकेतिक प्रतिनिधित्‍व आज भी स्‍वीकार्य नहीं। जेडीयू के किसी भी नेता को केंद्र में मंत्रिमंडल न देने का मुद्दा अब खत्म हो गया है। बीजेपी की अपनी बहुमत की सरकार है और सरकार चलाने के लिए उनको किसी सहयोगी दल की जरूरत नहीं है।

यह पढ़ें: Rahul Gandhi in Kerala: 72 वर्षीय नर्स राजम्मा से मिले राहुल गांधी, लगाया गले, जानिए कौन हैं वो?

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Amid friction between the two parties post Lok Sabha polls, the Janata Dal (United) on Sunday decided that it would not be part of the BJP-led NDA outside the state of Bihar, where the two parties have allied to form government.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more