कब-कहां और कैसे हुई थी Jyoti Malhotra की जसबीर से मुलाकात? सामने आया VIDEO, तभी से चढ़ा था दानिश की नजर में
Jasbir Singh Arrested: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने एक नया मोर्चा खोल दिया है - भारत में डिजिटल जासूसी का। और इसी कड़ी में सामने आई है दो नामों की जोड़ी- ज्योति मल्होत्रा और जसबीर सिंह।
दोनों यूट्यूबर, दोनों सोशल मीडिया एक्टिव, और दोनों अब ISI नेटवर्क से जुड़ने के आरोपों में पुलिस की गिरफ्त में। अहम सवाल यह है कि दोनों की मुलाकात कैसे हुई? कैसे दानिश का मोहरा बन गया जसबीर? आइए जानते हैं...

कैसे और कहां हुई थी मुलाकात?
साल 2024 के मार्च महीने में दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में एक इफ्तार पार्टी रखी गई थी। इस पार्टी में ज्योति मल्होत्रा, जो कि 'Travel with JO' नाम से यूट्यूब चैनल चलाती थी, शामिल हुई थी। उसी पार्टी में 'जान महल' चैनल वाला जसबीर सिंह भी पहुंचा। और यहीं हुई दोनों की पहली मुलाकात। लेकिन असली कहानी वहीं से शुरू होती है, जब इन दोनों पर ISI एजेंट दानिश की नजर पड़ी।
जसबीर कैसे फंसा जाल में?
पुलिस के मुताबिक, जसबीर सिंह पाकिस्तान के नेशनल डे कार्यक्रम में भी दानिश के बुलावे पर गया था, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी सेना और व्लॉगर्स से हुई। इतना ही नहीं, वह तीन बार पाकिस्तान की यात्रा भी कर चुका है - 2020, 2021 और 2024 में। उसकी डिवाइसेज से कई पाकिस्तानी नंबर और संदिग्ध चैट्स मिले हैं, जिनकी अब फॉरेंसिक जांच चल रही है।
ज्योति भी थी ISI के संपर्क में
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी ने पहले ही तहलका मचा दिया था। जांच में सामने आया कि वह 2023 से ही दानिश के संपर्क में थी। खास बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वह दानिश से संपर्क में थी और लगातार व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट के जरिए संवाद करती रही।
Who is Danish: दानिश कौन है?
एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश, जो पाकिस्तानी दूतावास में तैनात था, अब भारत सरकार द्वारा 'persona non grata' घोषित कर देश से निकाल दिया गया है। उसकी असली पहचान ISI के एजेंट के रूप में सामने आई है, जो सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बहाने भारतीयों को अपने जाल में फंसा रहा था।
ऑपरेशन सिंदूर बना ISI की बेचैनी की वजह
भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, और तभी से ISI डिजिटल जासूसी और मीडिया प्रोपेगेंडा के जरिए भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। पर RAW और पंजाब पुलिस की सतर्कता के चलते कई मॉड्यूल एक-एक कर ध्वस्त हो रहे हैं।
यहां देखें ज्योति और जसबीर की मुलाकात का वीडियो
अब तक कितने पकड़े गए?
पिछले एक महीने में पंजाब से 9 लोग जासूसी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। इनमें ज्योति और जसबीर जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल हैं, जो दिखने में आम लेकिन संपर्कों में बेहद खतरनाक निकले।
क्या कहते हैं अधिकारी?
पंजाब के DGP गौरव यादव ने साफ कहा है कि, ये केवल शुरुआत है। जासूसी-आतंकी नेटवर्क की पूरी चेन तोड़ी जाएगी। पंजाब पुलिस राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ पूरी तरह सजग और सक्रिय है। तो अब सवाल सिर्फ ये नहीं कि जासूसी कैसे हुई, बल्कि ये भी है कि अगला निशाना कौन हो सकता है? और क्या अब ISI भारत में ऑनलाइन पब्लिक फिगर्स के जरिए नई जंग की तैयारी में है?












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