J&K में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार, लोकसभा के साथ होंगे विधानसभा चुनाव? सभी पार्टियां एकजुट
Lok Sabha Election 2024 News: जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव करवाए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। चुनाव आयोग से जो संकेत मिले हैं, उससे लग रहा है कि लोकसभा चुनावों के साथ ही 10 साल बाद विधानसभा चुनाव भी करवाए जा सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार की अगुवाई में चुनाव आयोग की एक टीम इन दिनों तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू और कश्मीर गई हुई है। मंगलवार को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और वहां लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा चुनाव भी करवा लिए जाने की मांग की।

राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से एकजुट होकर की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मिलने वाले दलों में नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस, बीजेपी और सीपीएम के नेता भी शामिल हैं। सिर्फ हर्ष देव सिंह की अगुवाई वाली पैंथर्स पार्टी के प्रतनिधिमंडल को चुनाव आयोग की टीम से मुलाकात का मौका नहीं मिला, जिसके लिए पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन भी किया और इसे 'चुनाव आयोग-बीजेपी का साठगांठ' बताया।
चुनाव आयोग ने दिए 'विचार' करने के संकेत
चुनाव आयोग से मुलाकात करने वाली पार्टियों के नेताओं ने बाद में बताया कि आयोग की टीम ने उनके सुझावों को ध्यान से सुना और उसके बर्ताव से लगा कि वह इसपर 'विचार' करेगी।
जम्मू और कश्मीर में 2014 के बाद नहीं हुए विधानसभा चुनाव
जम्मू और कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में ही हुआ था। तब यह एक पूर्ण राज्य था और इसे संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा प्राप्त था।
बीजेपी-पीडीपी ने मिलकर बनाई थी सरकार
उस चुनाव में बीजेपी को राज्य में सबसे ज्यादा वोट और विधानसभा की 25 सीटें मिली थीं। जबकि, पीडीपी का वोट शेयर बीजेपी से कम रहने के बाद भी उससे ज्यादा यानी 28 सीटें मिली थीं। त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में दोनों दलों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई थी।
जून,2018 से जम्मू और कश्मीर में केंद्र शासित सरकार है
लेकिन, जून,2018 में बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया और सरकार गिर गई। उसके बाद से यहां कोई चुनी हुई सरकार नहीं बनी है।
5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 खत्म हो जाने के बाद इसका राज्य वाला दर्जा भी खत्म हो गया और यह दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर और लद्दाख (UT) में विभाजित हो गया। तब से ये दोनों केंद्र शासित प्रदेश उपराज्यपालों के माध्यम से केंद्र सरकार के अधीन काम कर रहे हैं।
सितंबर 2024 से पहले करवाए जाने हैं विधानसभा चुनाव
हालांकि, पिछले साल दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट जम्मू और कश्मीर विधानसभा का चुनाव सितंबर 2024 से पहले कराने का 'अनिवार्य सुझाव' दे रखा है।
वन नेशन वन इलेक्शन की शुरुआत जम्मू और कश्मीर से हो- नेशनल कांफ्रेंस
अपनी मांग को लेकर नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नासिर असलम वानी ने कहा है, 'करीब एक दशक से यहां के लोगों को अपनी सरकार चुनने का मौका नहीं मिला है। हमने सुझाव दिया है कि विधानसभा के चुनाव भी लोकसभा चुनावों के साथ ही करवाए जाने चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वन नेशन वन इलेक्शन लागू करना चाहते हैं तो यह जम्मू और कश्मीर से शुरू हो।'
बीजेपी भी एक साथ चुनाव करवाने की पक्षधर
उनका यह भी कहना है कि दो बार चुनाव करवाए जाने से आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ खासकर के पर्यटन में भी रुकावटें आएंगी। वहीं भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व विधायक आरएस पठानिया ने कहा कि 'बीजेपी तैयार है और अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते हैं तो पार्टी उसके भी पक्ष में है।'
चुनाव आयोग को लेना है आखिरी फैसला
वहीं पीडीपी नेता गुलाम नबी लोन हंजुरा ने कहा, 'हम लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाए जाने के हक में हैं। अब इस मामले पर चुनाव आयोग को फैसला करना है।'












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