• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

जम्‍मू कश्‍मीर: बडगाम में आतंकियों के पास से फिर मिली अमेरिका की खतरनाक स्‍नाइपर राइफल एम4

|

श्रीनगर। जम्‍मू कश्‍मीर के बडगाम में इस समय आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर जारी है। इस एनकाउंटर में अब तक दो आतंकियों के मारे जाने की खबरें हैं। हैरान करने वाली बात है कि मारे गए आतंकियों के पास से सुरक्षाबलों को एम4 राइफल मिली है। बडगाम सेंट्रल कश्‍मीर में आता है और यहां पर सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। सेना ने यहां पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) लॉन्‍च किया। सुरक्षाबलों पर आतंकियों की ओर से फायरिंग की गई और सर्च ऑपरेशन एनकाउंटर में तब्‍दील हो गया। बडगाम एनकाउंटर में सेना के चार जवान भी घायल हैं।

यह भी पढ़ें-मसूद अजहर पर अमेरिका के नए प्रस्‍ताव से बौखलाए चीन, पाकिस्‍तान

अक्‍टूबर में पहली बार सुरक्षाबलों को मिली एम4

अक्‍टूबर में पहली बार सुरक्षाबलों को मिली एम4

मारे गए आतंकी किस संगठन से जुड़े हैं इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं लग पाया है। लेकिन एम4 राइफल मिलने से कहीं न कहीं इस तरफ इशारा मिलता है कि हो सकता है आतंकी जैश-ए-मोहम्‍मद से जुड़े हों। आखिर बार कश्‍मीर में आतंकियों के पास एम4 राइफल उस समय मिली थी जब जैश सरगना मसूद अजहर के भतीजे उस्‍मान को पिछले वर्ष अक्‍टूबर में हुए एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया था।उस्‍मान हैदर पुलवामा के त्राल में हुए एनकाउंटर में मारा गया था।

पहली बार मसूद अजहर के भतीजे के पास से मिली

पहली बार मसूद अजहर के भतीजे के पास से मिली

एम4 एक अमेरिकी राइफल है और यह स्‍नाइपर्स की पहली पसंद है। सुरक्षाबल बडगाम एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों का इस जिले से क्‍या ताल्‍लुक है, यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जिस समय उस्‍मान मारा गया था उस समय सुरक्षाबलों को एम4 और एक-47 राइफल्‍स के अलावा कुछ और खतरनाक सामान मिला था। सेना के सूत्रों की ओर से बताया गया था कि उस्‍मान इब्राहीम की मौत सुरक्षाबलों के लिए बड़ी जीत है। इब्राहीम, घाटी में सक्रिय जैश की स्‍नाइपर स्‍क्‍वायड का डिप्‍टी था।

घाटी में सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर अटैक

घाटी में सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर अटैक

जिस एनकाउंटर में उस्‍मान मारा गया था, उस समय सुरक्षाबलों को जो एम-4 कार्बाइन मिली थी, आतंकियों ने उसका प्रयोग सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर अटैक के लिए किया था। पिछले वर्ष सितंबर से घाटी में सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर हमलों का सिलसिला शुरू हुआ था। उस समय तीन जवान एक ही तरह के हमले की चपेट में आकर शहीद हो गए थे। सुरक्षाबलों ने उस समय कहा था कि घाटी में आतंकी अब अपनी रणनीति बदल रहे हैं। जब इन हमलों की जांच हुई तो इस बात का पता चला कि एक ही पैटर्न पर जवानों को निशाना बनाया गया था।

पिछले वर्ष सितंबर से सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर अटैक

पिछले वर्ष सितंबर से सुरक्षाबलों पर स्‍नाइपर अटैक

घाटी में पिछले वर्ष 18 सितंबर को पहला स्‍नाइपर अटैक रिकॉर्ड हुई था। इसके बाद नौगाम में स्‍नाइपर हमला हुआ जिसमें सशस्‍त्र सीमा बल (एसएसबी) जवान और सेना का एक जवान शहीद हो गए थे। यह हमला भी स्‍नाइपर अटैक ही था। इंटेलीजेंस एजेंसियों ने उस समय कहा था कि जैश के दो ग्रुप जिसमें दो आतंकी शामिल हैं, सितंबर माह में घाटी में दाखिल हुए थे। एजेंसियों ने माना था कि स्‍नाइपर अटैक वाली टीम में पाकिस्‍तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की ओर से ट्रेनिंग हासिल करने वाले आतंकी शामिल थे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Jammu Kashmir: security forces have recovered an M4 rifle from the encounter site in Budgam. This is an American weapon which is being used by snipers.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X