जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे से हो सकती छेड़छाड़- कोर्ट
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि राज्य की संप्रभुता के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। राज्य को ना तो कानून और ना ही संविधान के अनुसार इसके विशेष राज्य के दर्जे से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

जस्टिस मुजफ्फर हुसैन और एएम मैगरे की बेंच ने जम्मू कश्मीर के मामले में यह अहम टिप्पणी की है। बेंच ने 74 पेज के अपने फैसले में कहा कि संसद को वह कानून बनाने का अधिकार नहीं है धारा 13, 17 (ए), 18 (बी), 34, 35 और 36 के अनुसार हो और जम्मू-कश्मीर से संबधित हों।
कोर्ट ने बैंकों द्वारा सरफेसी अधिनियम की धारा 13 के तहत जारी नोटिसों को खारिज करते हुए बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों की राज्य के स्थायी नागरिकों के खिलाफ उक्त अधिनियम के तहत कार्रवाई पर रोक लगाई है।
साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य को इस बात का अधिकार है कि वह बैंकिंग से जुड़े नियम खुद बनाये और उसे लागू करे। जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे के साथ नहीं की जा सकती है छेड़छाड़, कोर्ट ने कहा कि राज्य के पास अपने कानून बनाने का अधिकार, संसद नहीं कर सकता हस्तक्षेप।












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