पब्लिक सेफ्टी एक्ट नजरबंद किए गए फारुख अब्दुल्ला डिफेंस पैनल में शामिल
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नई दिल्ली। घाटी से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत हिरासत में हैं। इसके बावजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा मामलों पर बनी 21 सदस्यीय संसदीय सलाहकार समिति में उन्हें शामिल किया गया है। संसदीय सलाहकार समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व रक्षा मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में विवादास्पद बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर हैं।

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर अभी जमानत पर बाहर हैं। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर निशाना साधते हुए इसे 'देश की सेना का अपमान' बताया है। बता दें, फारूक अब्दुल्ला समेत जम्मू-कश्मीर के कई नेताओं को नजरबंद रखा गया है। इनमें फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला औऱ पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। राज्य के तीनों ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद रखा गया है।
प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर विपक्ष ने उठाया सवाल
रक्षा मंत्रालय की 21 सदस्यों की संसदीय समिति में भोपाल से बीजेपी की सांसद प्रज्ञा ठाकुर का नाम शामिल किए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया है। बता दें, प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी हैं। अप्रैल 2017 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए तब जमानत दे दी थी, जब उनके खिलाफ मकोका के तहत लगाए गए आरोपों को एनआईए ने वापस ले लिया था।












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