सत्यपाल मलिक के 300 करोड़ रिश्वत के आरोपों पर CBI ने दर्ज की एफआईआर, कई जगह रेड
नई दिल्ली, 21 अप्रैल: मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक के उन आरोपों को लेकर सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें उन्होंने कहा है कि जम्मू कश्मीर का राज्यपाल रहते हुए उनको 300 करोड़ रिश्वत की पेशकश की गई थी। अनिल अंबानी की रिलायंस और एक आईएएस अधिकारी पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही सीबीआई की टीमों ने देश में कई जगहों पर इस मामले में छापेमारी भी की है।

सीबीआई ने दो मामलों में अनिल अंबानी की रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी और चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (सीवीपीपीपीएल) के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई के अनुसार, जम्मू, श्रीनगर, दिल्ली, मुंबई, नोएडा, तिरुवनंतपुरम (केरल) और दरभंगा (बिहार) में छापे मारे गए हैं।
सीबीआई ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस और ट्रिनिटी री इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड को प्राथमिकी में आरोपी बनाया है। यह प्राथमिकी जम्मू-कश्मीर के सरकारी कर्मचारियों के लिए लाई गई विवादित स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ी है। एफआईआर में जम्मू-कश्मीर सरकार के वित्त विभाग के अज्ञात अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर ट्रिनिटी री इंश्योरेंस ब्रोकर लिमिटेड, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और अन्य अज्ञात लोकसेवकों और अन्य निजी लोगों के साथ मिलकर साजिश और सांठगांठ की व आपराधिक षडयंत्र और आपराधिक कदाचार से लाभ हासिल करने का आरोप है।
क्या कहा था सत्यपाल मलिक ने
सत्यपाल मलिक ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में राज्यपाल रहते उनको आरएसएस के एक बड़े नेता और कारोबारी अंबानी से जुड़ी फाइलों को मंजूरी के बदले 300 करोड़ रिश्वत का ऑफर मिला था। उन्होंने कहा था कि एक फाइल के उनको 150 करोड़ मिलने थे क्योंकि इन दोनों डील में भ्रष्टाचार था इसलिए मैंने यह डील ही निरस्त कर दी थी।
सत्यपाल मलिक के इन दावों के कई महीने बाद हाल ही में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसके बाद एजेंसी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।












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