जम्मू-कश्मीर: 118 साल के बुजुर्ग ने कोविड वैक्सीन लगवाकर पेश की मिसाल, घर जाकर स्वास्थ्य टीम ने लगाया टीका
श्रीनगर, 28 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश भर में कोरोना की वैक्सीन लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के 118 साल के एक बुजुर्ग कोरोना टीका लगवाने वालों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। जहां कई जगहों पर लोगों में कोरोना टीका लगवाने को लेकर लापरवाही देखी गई है वहीं जम्मू-कश्मीर के 118 साल के शेर मोहम्मद ने खुद टीका लगवाने की मांग की। उनकी उम्र को देखते हुए स्वास्थ्य टीम खुद उनके घर पहुंची और उन्हें कोरोना का टीका लगाया गया।

रियासी के माहौर ब्लॉक के एक गांव में रहने वाले शेर मोहम्मद का आधार कार्ड बताता है कि वह 118 वसंत देख चुके हैं। उनका जन्म 24 अक्टूबर 1903 को हुआ था।
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गुरुवार को लगा टीका
शेर मोहम्मद के घर पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और उन्हें कोरोना वायरस के खिलाफ पहला टीका लगाया गया। 118 साल की उम्र में कोरोना का टीका लगवाकर शेर मोहम्मद ने उन लोगों के लिए मिसाल पेश की है जो कोरोना की दूसरी लहर में देश को हिला देने के बावजूद भी टीकाकरण करवाने में लापरवाही बरत रहे हैं। सभी को कोरोना का टीका लग सके इसके लिए कई राज्यों ने मोबाइल वैक्सीनेशन भी शुरू किया है जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर कोरोना का टीका लगा रही हैं।
120 साल की महिला ने लगवाई थी वैक्सीन
हालांकि 118 साल की उम्र में पहुंचकर टीका लगवाने वाले शेर मोहम्मद अकेले नहीं हैं। इसके पहले जम्मू-कश्मीर के ही ऊधमपुर जिले की ढोली देवी 120 साल की उम्र कोरोना का टीका लगवा चुकी हैं। ऊधमपुर जिले में सुदूर स्थित एक गांव में दूदू की रहने वाली ढोली देवी को 17 मई को कोरोना का टीका लगा था।
120 साल की उम्र में कोरोना का टीका लगवाने वाली ढोली देवी से मिलने उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी उनके घर गए थे और उन्हें सम्मानित किया था।












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