USAID Row पर विदेश मंत्री जयशंकर का आया रिएक्शन, जानिए ट्रंप के बयान पर भारत का क्या है रुख?
USAID Row: बिडेन प्रशासन ने भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए USAID द्वारा धन का इस्तेमाल किए जाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आरोप के बाद बवाल मचा है। डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) पर भारत में मतदान प्रतिशत के बढ़ाने के लिए 21 मिलियन डॉलर आवंटित किए है।
वहीं शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्रंप के इस आरोप पर प्रतिक्रिया करते इसे चिंताजनक बताया और बताया भारत सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

एस जयशंकर ने कहा यूएसएआईडी को भारत में सद्भावना से, सद्भावनापूर्ण गतिविधियां करने की अनुमति दी गई थी, न की बुरे इरादे से बुरी गतिविधियों के लिए।
जयशंकर बोले- ये चिंताजनक है
एस जयशंकर ने आगे कहा "ट्रंप प्रशासन के लोगों द्वारा कुछ जानकारी सामने रखी गई है, और जाहिर है, यह चिंताजनक और ऐसी गतिविधियां दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार इसकी जांच कर रही है। मेरा मानना है कि तथ्य सामने आएंगे। देश को पता होना चाहिए कि इसमें कौन लोग शामिल हैं।"
मामले की जांच कर रही हैं सरकार
वहीं विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा "हमने अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ यूएसए गतिविधियों और फंडिंग के बारे में दी गई जानकारी देखी है। ये स्पष्ट रूप से बहुत ही परेशान करने वाली हैं।"
उन्होंने कहा इससे भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप के बारे में चिंताएं पैदा हुई हैं। संबंधित विभाग और एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। इस समय सार्वजनिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी, इसलिए संबंधित अधिकारी इस पर विचार कर रहे हैं, और उम्मीद है कि हम बाद में इस पर कोई अपडेट दे पाएंगे।"
कांग्रेंस ने की ये की ये डिमांड
बता दें ट्रंप के इस आरोप पर भारत में राजनीतिक बहस भी छिड़ चुकी है। भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से इस पर कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की है। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक श्वेत पत्र जारी करने का आग्रह किया, जिसमें न केवल यूएसएआईडी फंडिंग बल्कि भारतीय कानून के तहत अन्य समान पहलों का भी विवरण हो।
भाजपा ने दिया क्या दिया जवाब?
हालांकि भाजपा नेता अजय आलोक ने कांग्रेस की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया कर रहा है। आलोक ने कहा, "हम पहले ही दिखा चुके हैं कि सरकार को 2004-14 के बीच 2119 मिलियन अमरीकी डॉलर मिले और 2014-25 के बीच सिर्फ़ 1.5 मिलियन डॉलर मिले। हम इन चीज़ों को बंद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा भारत सरकार अब कार्रवाई कर रही है,अमेरिकी सरकार ने एक सूची जारी की है कि किसे कहाँ से पैसे मिले हैं। यह एक डीप स्टेट का हिस्सा है। भारत जोड़ो यात्रा को भी इसी पैसे से फ़ंड किया जा रहा था।"












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