जयराम रमेश ने किशन रेड्डी के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार प्रस्ताव, जानिए क्या है मामला
नई दिल्ली, 11 नवंबर: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। पूर्व सांसद तरुण विजय को राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से जुड़े मामले को लेकर जयराम रमेश ये प्रस्ताव लाए हैं। किशन रेड्डी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किए जाने को लेकर जयराम रमेश ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री कानून की धज्जियां उड़ाते हुए नियुक्तियां कर रह हैं।

राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने गुरुवार को उच्च सदन के सभापति, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी के खिलाफ संसद से पारित कानून के प्रावधानों की जानबूझकर अवहेलना' करने के लिए विशेषाधिकार प्रस्ताव सौंपा है। यूपीए सरकार में मंत्री रहे जयराम रमेश ने कहा है कि किशन रेड्डी ने तरुण विजय को राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने में 2010 में पारित एक कानून का उल्लंघन किया है। इस कानून के तहत केवल विशेषज्ञ की ही इस तरह के पद पर नियुक्ति हो सकती है।
जयराम रमेश ने वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में कहा कि कानून में उल्लेख किया गया है कि पुरातत्व, नगर नियोजन और वास्तुकला के क्षेत्र में अनुभव और विशेषज्ञता रखने वाले शख्स की ही अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति की जाएगी। पहली बार एक ऐसा अध्यक्ष नियुक्त किया है जिसकी शैक्षणिक एवं पेशेवर पृष्ठभूमि कानूनी अनिवार्यता के अनुरूप नहीं है। यहां एक पूर्व सांसद की नियुक्ति कर कानून का मजाक उड़ाया गया है। ये एकदम कानूनों के खिलाफ है। मैं इसके लिए संस्कृति मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे रहा हूं क्योंकि उन्होंने कानून के प्रावधानों का अनादर किया है।
2019 में हुई थी नियुक्ति
पूर्व राज्यसभा सदस्य और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य के संपादक तरुण विजय को 2019 में स्मारक प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। जिसको लेकर अब राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रमेश ने गलत बताया है और संस्कृति मंत्री के खिलाफ नोटिस दिया है।












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