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आनंदपाल का एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम को मिली सुरक्षा, सीबीआई कर रही है जांच

By Vikashraj Tiwari
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    नई दिल्ली। राजस्थान के बहुचर्चित आनंदपाल एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई इस मामले में अब तक विभिन्न पक्षों के करीब 200 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इसी बीच आनंदपाल का एनकाउंटर करने वाली टीम के 12 अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ऐसी सूचना मिली है कि एनकाउंटर करने वाली टीम पर हमला हो सकता है। जिसके बाद ये सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है। एडीजी- एटीएस उमेश मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा था जिसके बाद ये फैसला जयपुर पुलिस मुख्यालय ने ये फैसला लिया है। वहीं आनंदपाल से जुड़े केस के मामले में जो गवाह है उनको सुरक्षा पहले से ही मिली हुई है।

    इन अधिकारियों को मिली सुरक्षा

    इन अधिकारियों को मिली सुरक्षा

    आनंदपाल का एनकाउंटर करने वाले टीम के जिन अधिकारियों को सुरक्षा दी गई है उसमे संजीव भटनागर, करण शर्मा, सूर्यवीर सिंह, सोहन सिंह समेत 12 अधिकारी शामिल हैं। आपको बता दें कि एनकाउंटर के थोड़े दिनों बाद ही सूर्यवीर सिंह पर अजमेर जेल में हमला हुआ था। वहीं आनंदपाल के मामले में गवाह इंद्रचंद्र, बजरंग मूंदड़ा, बजरंग फोगड़ी, सीताराम और अन्य को सुरक्षा पहले से ही मिली हुई है।

     आनंदपाल के भाई रूपेश उर्फ विक्की से 6 घंटे तक पूछताछ

    आनंदपाल के भाई रूपेश उर्फ विक्की से 6 घंटे तक पूछताछ

    सोमवार को सीबीआई की टीम ने इस मामले में अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद आनंदपाल के भाई रूपेश उर्फ विक्की व देवेन्द्र उर्फ गुट्टु से भी 6 घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई कोर्ट जयपुर से परमीशन के बाद चूरू से सीबीआई के उपाधीक्षक सुनील एस. रावत के नेतृत्व में गई पांच सदस्यीय टीम ने उनसे पूछताछ की। रूपेश उर्फ विक्की व देवेन्द्र उर्फ गुट्टु की गिरफ्तारी के बाद ही आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ था। आनंदपाल एनकाउंटर की जांच कर ही टीम अब तक आनंदपाल की AK-47,22 राइफल समेत 27 पुलिसकर्मियों के हथियार, कारतूस व उनके खोल जब्त कर चुकी है। सीबीआई ने उनको जांच के लिए एफएसएल भेज दिया है।

    राजपूतों में आनंदपाल की छवि रॉबिन-हुड वाली थी

    राजपूतों में आनंदपाल की छवि रॉबिन-हुड वाली थी

    आनंदपाल एनकाउंटर मामले में राजस्थान पुलिस ने लगभग 17 हजार लोगों के खिलाफ हिंसा फैलाने का मामला दर्ज किया था। कई राजपूत नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया था। आनंदपाल राजपूत बिरादरी से आता था। राजपूतों में आनंदपाल की छवि रॉबिन-हुड वाली थी। राजपूत समाज के कुछ लोग और आनंदपाल के परिवार वालों ने एनकाउंटर के कई दिनों तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया था। आनंदपाल एनकाउंटर के बाद आनंदपाल के गांव सांवराद में सभा के दौरान उपद्रव भी हुआ था। उसमें एक युवक की मौत हो गई थी। एनकाउंटर के बाद राजपूत व रावणा राजपूत समाज की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। राज्य सरकार की सिफारिश मंजूर होने के बाद सीबीआई ने इस मामले में इस वर्ष 6 जनवरी को पूरे प्रकरण को लेकर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।

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    English summary
    jaipur: security has given to police officers involved in Anandpal Singh encounter

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