Jaipur-Mumbai train shooting: अब AK-47 लेकर ट्रेन में नहीं चलेंगे RPF जवान, ये है आगे का प्लान
हाल ही में जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसका आरोपी आरपीएफ जवान निकला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे ने अब एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत उसके आरपीएफ जवान ट्रेन के अंदर ड्यूटी पर एके-47 लेकर नहीं चलेंगे।
जानकारी के मुताबिक सेंट्रल रेलवे (सीआर) और वेस्टर्न रेलवे (डब्ल्यूआर) दोनों पर ट्रेन एस्कॉर्टिंग पार्टी को निर्देश दिया गया है कि वे एआर-एम1 राइफल्स, एके-47 जैसे भारी स्वचालित हथियारों को लेकर ना चलें। इसकी जगह पर वो पिस्टल का इस्तेमाल करें। इस आदेश का मकसद भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।

मामले में सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि हमने सीआर के मुंबई डिवीजन के लिए आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार एस्कॉर्टिंग पार्टी एके -47 के बजाय पिस्टल ले जाएंगी।
वहीं वेस्टर्न रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वचालित असॉल्ट राइफलें आवंटित करने के खिलाफ अनौपचारिक आदेश हैं। ऐसे में अब ट्रेन के अंदर तैनात जवान पिस्टल लेकर चलेंगे।
वहीं सूत्र बता रहे कि भारतीय रेलवे के सभी डिवीजनों के लिए इसी तरह के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। हालांकि, आरपीएफ टीम आतंकी हमले से बचाव के लिए स्टेशनों पर ऑटोमैटिक हथियारों का इस्तेमाल करेगी। इसी तरह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवान एके-47 जैसे हथियार लेकर ड्यूटी करेंगे।
31 जुलाई को हुई थी घटना
बीते 31 जुलाई को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चेतन सिंह नाम का आरपीएफ जवान तैनात था। उसने अपनी एके राइफल से कई राउंड फायरिंग की। जिसमें सहायक उपनिरीक्षक टिकल सिंह मीना समेत चार लोगों की मौत हुई। इस वजह से रेलवे सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति बदल रहा है।
वहीं हाईटेक हथियारों के साथ ड्यूटी को लेकर आरपीएफ और जीआरपी के बीच एक अहम बैठक भी हुई। जिसमें दोनों बलों ने ऐसी घटना को रोकने की रणनीति तैयार की।












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