Jagadish Shettar: 68 साल की आयु में क्यों बागी हुए 20 साल तक वकील रहे वेटरन भाजपा नेता, Profile
Jagadish Shettar 68 साल की आयु में क्यों बागी हुए, ये जानना काफी रोचक है। 20 साल तक वकील रहे वेटरन भाजपा नेता 2012 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने थे। इनके बारे में रोचक बातें जानिए।

Jagadish Shettar Former Karnataka CM होने के साथ-साथ वेटरन राजनेता की पहचान रखते हैं। छह बार विधायक रह चुके शेट्टार अब 68 साल के हो चुके हैं। इस बार चुनाव में शेट्टार अपनी किस्मत नहीं आजमाएंगे।
दिलचस्प है सियासी पारी
Six-time MLA Shettar का बीजेपी की टिकट पर ताल नहीं ठोकना काफी चर्चा में है। सियासत में दक्षिणी का दुर्ग कहे जाने वाले कर्नाटक के वेटरन राजनेता के बारे में जानना बेहद दिलचस्प है।
20 साल की वकालत के बाद राजनीति
17 दिसंबर 1955 को कर्नाटक के बागलकोट में जन्मे जगदीश शेट्टार एक वकील के बेटे हैं। इनके पिता हुबली में धारवाड़ सिटी कॉरपोरेशन के मेयर रह चुके हैं। पिता की तरह जगदीश ने भी कानून की पढ़ाई की। 20 साल से अधिक वकालत करने के बाद राजनीति में उतरे।
56 साल पहले चाचा विधानसभा के लिए चुने गए
पूर्व मुख्यमंत्री शेट्टार का परिवार भी कई दशकों से राजनीति में रहा है। चाचा सदाशिव शेट्टार 1967 में जनसंघ का प्रतिनिधित्व करते हुए हुबली निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा सदस्य चुने गए थे। पिता एसएस शेट्टार लगातार पांच बार हुबली-धारवाड़ नगर निगम के सदस्य रहे।
Recommended Video
पिता ने 50 वर्षों से अधिक समय तक वकालत की
जगदीश शेट्टार के पिता को दक्षिणी भारत में जनसंघ के पहले महापौर बनने का श्रेय हासिल है। पिछले 50 वर्षों से हुबली अर्बन को-ऑपरेटिव के निदेशक जगदीश के पिता ने भी 50 वर्षों से अधिक समय तक वकालत की।
ABVP से शुरुआत, बीजेपी में शीर्ष तक पहुंचे
पिता से विरासत में मिली राजनीति जगदीश शेट्टार की लाइफ में अखिल भारत विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सक्रिय सदस्य के रूप में आई। इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े। कर्नाटक विधानसभा की वेबसाइट के अनुसार जगदीश शेट्टार;
- 1990 में हुबली ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र के अध्यक्ष बने।
- 1994 - धारवाड़ जिला भाजपा अध्यक्ष चुने गए।
- 1996 - कर्नाटक राज्य भाजपा के सचिव के रूप में चुने गए।
- 1999 - कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता बने।
- 2005 - कर्नाटक में भाजपा के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
विधानसभा के अध्यक्ष बने जगदीश शेट्टार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने से पहले शेट्टार राज्य की कैबिनेट में पहली बार 2006 में शामिल हुए। कर्नाटक की तत्कालीन राज्य सरकार में राजस्व मंत्री के रूप में कार्य करने के दो साल बाद 2008 में जगदीश शेट्टार 13वीं विधानसभा के अध्यक्ष बने।
2012 में CM बने शेट्टार
दक्षिणी भारत के विधानसभा में भाजपा के पहले अध्यक्ष बने जगदीश शेट्टार 2009 में कर्नाटक सरकार में "ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री" बने। करीब 11 साल पहले शेट्टार 12 जुलाई 2012 को सर्वसम्मति से कर्नाटक के मुख्यमंत्री चुने गए।
कर्नाटक विधानसभा में चुनावी जीत, कब और कितने अंतर से
- 1994 - पहली बार हुबली ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से 16000 वोटों के अंतर से जीते।
- 1999 - हुबली ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र में जनता का भरपूर साथ, 25000 वोट से जीते और लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
- लगातार तीसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए जगदीश शेट्टार 2004 में भी हुबली ग्रामीण सीट से लड़े। 26000 वोटों से जीत मिली।
- 2008 - हुबली-धारवाड़ सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से जीते। 26000 वोट से जीत लगातार चौथी बार विधानसभा पहुंचे शेट्टार।
सुवर्ण विधान सौध के निर्माण का श्रेय
जगदीश शेट्टार खुद को किसान समर्थक बताते हैं। कभी उपेक्षित माने गए उत्तरी कर्नाटक में इनका खास जोर रहा। बेलगाम में विधानसभा सत्र आयोजित कराने की मांग खूब चर्चा में रही। सुवर्ण विधान सौध का निर्माण शुरू कराया।
राजनीति में काम आई वकालत
धारवाड़ में टाटा मोटर्स कंपनी की स्थापना में भी शेट्टार की भूमिका रही। फरवरी 2006 से अक्टूबर 2007 के दौरान राजस्व मंत्री रहे। वकील का करियर राजनीति में भी काम आया। अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीनों को खाली कराने में सक्रिय रहे।












Click it and Unblock the Notifications