MP News: जबलपुर को मिली नई रफ्तार: ₹1052 करोड़ की लागत से प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर आज समर्पित
जबलपुर में नव निर्मित एलिवेटेड कॉरिडोर, जो 6.855 किलोमीटर तक फैला है और जिसकी लागत 1052 करोड़ रुपये है, महत्वपूर्ण ट्रैफिक सुधार का वादा करता है। एक अद्वितीय केबल-स्टे ब्रिज और स्टील संरचनाओं के साथ, यह यात्रा के समय को 40 मिनट से घटाकर सिर्फ 6 मिनट कर देता है, जिससे नागरिकों और पर्यावरण दोनों को लाभ होता है।
यातायात होगा सुगम और मिलेगी नई रफ्तार

- जबलपुर में 1052 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 6.855 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर है, बल्कि इसमें कई ऐसी विशेषताएं भी शामिल हैं जो इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। इस फ्लाईओवर का सबसे बड़ा तकनीकी आकर्षण रेल मार्ग के ऊपर निर्मित 192 मीटर लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज है। इस परियोजना में कुल 3 बो-स्ट्रिंग ब्रिज भी शामिल किए गए हैं। इनमें से दो पुल रानीताल क्षेत्र में और एक पुल बलदेवबाग क्षेत्र में बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि ये सभी पुल पूरी तरह स्टील से निर्मित हैं और प्रत्येक की लंबाई लगभग 70 मीटर है। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित यह संरचना न केवल जबलपुर बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।" यातायात की दृष्टि से यह फ्लाईओवर बेहतर बदलाव लाएगा। जहां पहले मदनमहल से दमोह नाका तक पहुँचने में 40 से 45 मिनट का समय लगता था, अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 6 से 8 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि शहर में प्रदूषण का स्तर भी घटेगा। व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, नागरिकों की दैनिक जीवनशैली सरल होगी और जबलपुर एक नए यातायात मॉडल के रूप में देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।












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