Surgical Strikes की तैयारी! कठुआ में पैरा कमांडो तैनात, जानें स्पेशल पैरा फोर्स की क्यों पड़ी जरूरत?
Kathua Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में हुए हालिया आतंकवादी घटना के बाद भारतीय सेना ने दहशतगर्दों के खिलाफ बहुत ही सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है, इसके लिए वहां आर्मी की स्पेशल पैरा यूनिट भी तैनात की गई है, जो सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे सकती है।
कठुआ जिले के माचेडी-बिलावर इलाके में सोमवार को आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें एक जेसीओ समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। सभी सैनिक उत्तराखंड के रहने वाले थे।

सर्जिकल स्ट्राइक के लिए पैरा कमांडो तैनात
इस हमले में पांच अन्य जवान जख्मी हुए हैं, जिनका इलाज पठानकोट के मिलिट्री हॉस्पिटल में चल रहा है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इस आतंकी वारदात का बदला लेने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया है, 'सेना की विशिष्ट पैरा यूनिट को विशेष क्षेत्रों में आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए तैनात किया गया है।'
घने जंगलों के इलाके में आतंकवादियों की तलाश जारी
दरअसल, जिस इलाके में आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है, वहां बहुत ही दुर्गम और घने जंगलों का क्षेत्र है। इसलिए सर्च टीम की मदद के लिए गिली सूट पहने स्नाइपर्स के साथ हेलीकॉप्टर, ड्रोन और मिलिट्री डॉग्स को भी लगाया गया है।
आशंका है कि सुरक्षा बलों से बचकर भागने के लिए आतंकवादियों ने आईईडी भी बिछा रखे हैं, ताकि सर्च ऑपरेशन में बाधा पैदा की जा सके। इसलिए सर्च टीम को मेटल डिडेक्टर का भी इस्तेमाल करना पड़ रहा है। सर्च का दायरा उधमपुर और कठुआ जिलों के बड़े इलाके में बढ़ाया गया है।
तीन से चार आतंकियों के हाथ होने की आशंका
सूत्रों का मानना है कि हमले को तीन से चार आतंकवादियों ने अंजाम दिया है। यह भी आशंका है कि ये वही आतंकी हो सकते हैं, जिन्होंने 28 अप्रैल को उधमपुर के पनारा गांव के एक विलेज डिफेंस गार्ड की हत्या कर दी थी। ये हमला सोमवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे सेना के दो ट्रकों पर हुआ था, जब उनका काफिला माचेडी-किंडली-मल्हार रोड पर एक मोड़ पर था।
स्पेशल पैरा फोर्स की क्यों पड़ी जरूरत?
पिछले कुछ महीनों में जम्मू के क्षेत्र में आतंकी घटनाओं के मामले बढ़े हैं और जिस दूर-दराज के इलाके में सोमवार को हमला हुआ है, वहां लंबे समय में किसी भी आतंकी घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं है। जम्मू इलाके में विदेशी आतंकवादियों की मौजूदगी सुरक्षा बलों के लिए बहुत ही बड़ी चिंता की वजह बन चुकी है।
आशंका है कि इलाके में कम से कम सात टेरर मॉड्यूल सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि इनके अलावा 70 से ज्यादा आतंकी नियंत्रण रेखा के उस पार (Line of Control) आतंकी लॉन्च पैड पर तैयार बैठे हैं। इसीलिए सीधे लॉन्च पैड पर ही आतंकियों को ढेर करने और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम देने के विकल्प खुले रखे गए हैं।
कौन होते हैं पैरा कमांडो?
भारतीय सेना के पैरा कमांड को पैरा एसएफ के नाम से भी जानते हैं। यह इंडियन आर्मी के पैराशूट रेजिमेंट की इलीट स्पेशल फोर्स (elite Special Forces unit) है। ये बहुत ही विशेष सैन्य अभियानों के लिए ही प्रशिक्षित किए गए हैं। इन्हें सीधी कार्रवाई, बंधकों को बचाने, टोह लेने और आतंकवाद-विरोधी अभियानों में महारत हासिल है।












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