कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए नवाज, ISI, हिजबुल, लश्कर से संपर्क में रहती थी अलगाववादी अंद्राबे
नई दिल्ली। कश्मीरी अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से पुछताछ में कहा कि वह पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनके विदेशी नीति के सलाहकार सरताज अजीज व पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व चीफ से संपर्क में रहती थी। अंद्राबी ने 2014 में शरीफ को एक लेटर लिखकर भी कहा था कि 'कश्मीर के लिए पाकिस्तान कुछ नहीं कर रहा है'। जवाब में शरीफ ने कहा था कि 'हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं'। कश्मीर को भारत से अलग करने के उद्देश्य से अंद्राबी ने 1987 में दुख्तरान-ए-मिल्लत की स्थापना की थी।

अंद्राबी ने कहा कि उसने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त, आईएसआई चीफ हामिद गुल और यहां तक कि लश्कर का सरगना हाफिज सईद व हिजबुल प्रमुख सईद सलाहुद्दीन से भी बात की थी। एनआईए आतंकवादियों की मदद करने के लिए, अवैध फंडिंग और भारत विरोधी भाषणों को देखते हुए अंद्राबी के खिलाफ जांच कर रही है।
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अंद्राबी ने 2014 में भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त सरताज अजीज और उसके बाद अब्दुल बासित, उप उच्चायुक्त सईद हैदर शाह से दिल्ली में मुलाकात कर कहा था कि कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान बहुत ही सामान्य तरीके से देख रहा है। इस मामले में पाकिस्तान के अधिकारियों ने अंद्राबे से कहा था कि इस्लामाबाद की कश्मीर कमेटी इस मुद्दे को देख रही है।
मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद से अंद्राबे ने बात कर कश्मीर मसले पर पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने के लिए भी आग्रह किया था। अंद्राबे ने कहा कि हिजबुल चीफ भी अक्सर करता था, तब वह उसे भी कश्मीर मसले को यून में उठाने के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालने के लिए कहती थी।
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