आतंकी की बंदूक पर लिखा था- 'अफजल गुरु का बदला'
नई दिल्लीः सोमवार को नए साल के दिन जम्मू-कश्मीर के लोथोपारा में मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए। लेकिन मुठभेड़ के बाद से एक बार फिर से अफजल गुरु का मुद्दा उठ गया है। सुरक्षाबलों ने जिस तीसरे आतंकी को मार गिराया उसके पास से एके-47 राइफल पाई गई है और उस पर लिखा था- "अफजल गुरु का बदला"। मारा गया तीसरा आतंकी पाकिस्तानी नागरिक था।

इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली, नए साल के दिन हुए इस आतंकी हमले ने एक बार फिर से उन पुरानी यादों को ताजा कर दिया है जब साल 2015 में हुए एक आतंकी हमले में जैश-मोहम्मद ने हमले का कारण अफजल गुरु का फांसी पर लटकाना बताया था। साल 2015 में भी हुए आतंकी हमले में कई जवान शहीद हो गए थे।
नए साल पर हुए आतंकी हमले में तीन जवान मारे गए, जिसमें से आतंकी लोकल बताए जा रहे हैं। मारे गई आतंकवादियों की पहचान फरदीन खंडे (16) और मंजूर बाबा (22) के रूप में हुई। खंडे के बारे में बताया जा रहा है कि आतंकी बनने से तीन महीने पहले तक वो पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता पुलिस में रहे हैं।
आतंकी बाबा के बारे में कहा जा रहा है कि आतंकी बनने के दो महीने पहले ड्राइवर की नौकरी कर रहा था। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक बाबा की मां ने उससे बाबा से बात की थी और दोबारा से घर लौटने की अपील की।
आतंकी हमले से पहले आतंकी बाबा ने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक ये वीडियो आपके पास आएगा, मैं जन्नत में पहुंच चुका हूंगा। आतंकी ने आगे कहा कि बेरोजगार कश्मीर के युवाओं को आतंक की तरफ धकेल रहा है। आतंकी ने फौज का कश्मीर में होने पर भी सवाल उठाए।
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