• search

धारा 377 पर SC के फैसले से नाराज स्‍वामी ने कहा- देश में बढ़ेगी AIDS की बीमारी

By Ankur Kumar Srivastava
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को धारा 377 को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अपनी निराशा जाहिर की। सीएनएन न्यूज-18 से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि सहमति से बनाए गए होमो सेक्सुअल संबंधों से सामाजिक बुराइयां बढ़ेंगी।

    धारा 377 पर SC के फैसले से नाराज स्‍वामी ने कहा- देश में बढ़ेगी AIDS की बीमारी

    उन्होंने कहा कि इससे सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) में भी इजाफा होगा। इस फैसले पर गुस्साए स्वामी ने एक बार फिर कहा कि होमो सेक्सुआलिटी एक जेनेटिक डिसऑर्डर की समस्या है। उन्होंने कहा, इसके बाद एचआईवी के मामले बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम इसे वैकल्पिक सेक्सुअल बर्ताव के तौर पर नहीं देख सकते।

    उल्‍लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए समलैंगिकता को मान्यता दे दी है। मतलब दो वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि एलजीबीटी समुदाय को अन्य नागरिकों की तरह समान मानवीय और मौलिक अधिकार हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि पहचान बरकरार रखना लाइफ के पिरामिड के लिए जरूरी है। खुद को अभिव्यक्त नहीं कर पाना मरने के समान है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही देश में 158 साल पुराना ब्रिटिश कानून अब खत्म हो गया।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    BJP leader Subramanian Swamy, speaking on the decriminalising of homosexuality, said that the verdict will give rise to 'social evils'.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more