चंद्रयान 3 ने बदला अपना तीसरा ऑर्बिटल, ISRO ने ट्वीट कर कही ये खास बात
इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी कि चंद्रयान 3 ने अपना तीसरा ऑर्बिटल बदल लिया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 जुलाई यानी आज दोपहर 2 से 3 बजे के बीच चंद्रयान 3 ने अपनी तीसरी कक्षा बदल दी है। धरती की सतह से चंद्रयान 3 की लंबी दूरी में बदलाव किया गया है, जिसे इसे धरती से एक लाख किमी दूर तक पहुंचाया जा सके।
इसरो ने अपने ट्वीट में कहा कि मिशन तय समय पर है। तीसरी कक्षा- (पृथ्वी-बाउंड एपोजी फायरिंग) ISTRAC/ISRO, बेंगलुरु से सफलतापूर्वक किया गया है। अगली फायरिंग 20 जुलाई, 2023 को दोपहर 2 से 3 बजे के बीच करने की योजना है।

इसरो ने हरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M4 रॉकेट पर चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को लॉन्च किया। दोपहर 2.35 पर उड़ान भरने के 17 मिनट बाद उपग्रह को सटीक कक्षा में स्थापित किया गया।
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक एस उन्नीकृष्णन नायर ने कहा कि प्रक्षेपण यान ने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है। अंतरिक्ष यान के लिए आवश्यक प्राइमरी कंडीशन बहुत सही रही हैं।
चंद्रयान-3 ले जाने वाले LVM3-M4 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसके परियोजना निदेशक पी वीरमुथुवेल ने शुक्रवार को कहा था कि इसरो ISTRAC से अंतरिक्ष यान की बारीकी से निगरानी और नियंत्रण करेगा। कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आने वाली हैं, जिनमें पृथ्वी से जुड़े युद्धाभ्यास, चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश और लैंडर को अलग करना, डीबूस्ट युद्धाभ्यास का एक सेट और अंत में चंद्र सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए पॉवर डिसेंट लेवल शामिल है।












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