50 साल के इतिहास में पहली बार ISRO ने प्राइवेट सैटेलाइट को किया टेस्ट
नई दिल्ली। सैटेलाइट के क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप को बड़ी सफलता हासिल हुई है। 50 साल में पहली बार इसरो ने दो स्वदेशी सैटेलाइट SpaceKidz India और Pixxel का टेस्ट किया है। इन दोनों सैटेलाइट को इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर पर टेस्ट किया गया। दोनों ही सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजे जाने के बाद स्पेस में भारतीय स्टार्टअप का भी दबदबा देखने को मिलेगा। बता दें कि भारत ने भारतीय स्टार्टअप के सैटेलाइट को भी अंतरिक्ष में भेजने का फैसला किया था। इसरो ने अपने इस ऐलान के महज आठ महीने बाद दो भारतीय स्टार्टअप की सैटेलाइट को टेस्ट किया है। बता दें कि पिछले साल जून माह में इसरो ने ऐलान किया था कि वह प्राइवेट कंपनी की सैटेलाइट के लिए भी इसरो के दरवाजे खोलेगी।
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प्राइवेट सेक्टर के लिए इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर यानि IN-SPACe की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य ना सिर्फ प्राइवेट सेक्टर में हो स्पेस के लिए हो रहे अनुसंधान पर ध्यान देना था बल्कि इसरो को भी मदद मुहैया कराना था। इसरो ने अपने ऐलान के आठ महीने के बाद अब इशरो कॉमर्शियल सैटेलाइट पीएसएलवी मिशन को इस महीने लॉन्च करने की तैयारी में है। यह पहली सैटेलाइट होगी जिसे इसरो भारत में कॉमर्शियली लॉन्च करेगा।
बता दें कि इस सैटेलाइट को SpaceKidz India के छात्रों ने तैयार किया है जिसे परीक्षण के तौर पर जनवरी 2019 में इसरो द्वारा लॉन्च किया गया था। PSLV C-51 मिशन ब्राजील की सैटेलाइट अमेजोनिया-1 को वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत स्पेस पर लेकर जाएगा। साथ ही लॉन्च वेहिकल में 20 यात्री भी जाएंगे। साल के अंत तक एक और स्टार्टअप Skyroot लॉन्चिंग वाहन विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक प्राइवेट सेक्टर को स्पेस के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता मिल सकती है।












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