ISRO का सबसे छोटा रॉकेट SSLV-D2 का सफलतापूर्वक लॉन्च
इसरो ने अपने सबसे छोटे रॉकेट SSLV-D2 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसे श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष सेंटर से लॉन्च किया गया है। इस रॉकेट के जरिेए तीन स्पेसक्राफ्ट को स्थापित किया जाएगा.

ISRO launch of SSLV-D2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। आज सुबह 9.18 बजे इसे लॉन्च किया गया। इस व्हिकल को छोटे सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए इस रॉकेट को तैयार किया गया है। इस आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। इस रॉकेट के जरिए दुनियाभर के छोटे सैटेलाइट को आसानी से लॉन्च किया जा सकता है। एसएसलवी डी मिशन SSLV D2 मिशन को तीन पेलोड के साथ लॉन्च किया गया। सतीश धवन स्पेस सेंटर से इस स्पेसक्राफ्ट ने उड़ान भरी और 15 मिनट तक अंतरिक्ष का सफर तय किया, इसके बाद इसने 450 किलोमीटर के सर्कुलर ऑर्बिट में सैटेलाइट की स्थापना की।
यह रॉकेट अंतरिक्ष में तीन सैटेलाइट यानि उपग्रहगों को छोड़ेगा। ये तीन सैटेलाइट इसरो की EOS-07, अमेरिका की एक फर्म Antaris का Janus-1 और चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप कंपनी के सैटेलाइट AzaadiSAT-2 को लॉन्च करेगा। इसे धरती की निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा। गौर करने वाली बात है कि इसरो की पहले टेस्टिंग उड़ान विफल हो गई थी, इसे पिछले साल 9 अगस्त को लॉन्च किया गया था, लेकिन इसरो को सफलता नहीं मिल सकी थी।
अगर इस रॉकेट की बात करें तो इसकी कुल लंबाई 34 मीटर है और इसमे दो मीटर व्यास का व्हीकल लगा है, जिसके बाएं लेफ्ट का द्रव्यमान 120 टन है। बुधवार को इसरो की ओर से ट्वीट करके बताया गया था कि इसकी लॉन्चिंग 10 फरवरी को 9.18 बजे होगा। इस रॉकेट भारत के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि इसकी मदद से अब आसानी से छोटे सैटेलाइट को लॉन्च किया जा सकता है।












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