इसरो जासूसी मामला: केरल के पूर्व डीजीपी मैथ्यूज की अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए SC पहुंची सीबीआई
नई दिल्ली, 15 जुलाई: इसरो जासूसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। साथ ही केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यूज को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की। इस पर सुनवाई के लिए कोर्ट सहमत हो गया है। मैथ्यूज पर 1994 में एक जासूसी मामले में इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन और अन्य को फंसाने की साजिश रचने का आरोप है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

मामले में जस्टिस ए.एम. खानविलकर ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा इसी तरह की याचिकाएं केरल उच्च न्यायालय के मामले में अन्य आरोपियों को जमानत देने के फैसले को चुनौती देती हैं, जिसमें पी.एस. जयप्रकाश, थंपी एस. दुर्गा दत्त, विजयन और आर.बी. श्रीकुमार का नाम शामिल है। इस वजह से इस याचिका को उनके साथ टैग किया जाएगा। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में सबूत प्राप्त करने के लिए मैथ्यूज को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी होगी।
ये है पूरा मामला?
आपको बता दें कि 1994 में डॉ. एस नंबी नारायणन, जो उस समय भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) क्रायोजेनिक्स डिवीजन के प्रमुख थे, पर विदेशी एजेंटों को भारत के अंतरिक्ष विकास से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप लगाया गया था। जिस पर नवंबर 1994 में नारायणन की गिरफ्तारी हुई। हालांकि, सीबीआई ने अपनी जांच के बाद आरोप लगाया कि केरल में तत्कालीन शीर्ष पुलिस अधिकारी नंबी नारायणन की अवैध गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार थे। 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया।












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