अंतरिक्ष में भारत की लंबी छलांग, ISRO ने लॉन्च किया INSAT 3DR
चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने वेदर सैटेलाइट जीएसएलवी- एफ 05/ इनसैट 3 डीआर का प्रक्षेपण कर दिया।

यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की लंबी छलांग माना जा रहा है।
प्रक्षेपित होने के बाद यह सैटेलाइट 10 साल तक चलेगी। इसे मौसम की बेहतर जानकारी के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा। इसकी मदद से रेस्क्यू और ऑपरेशनल सर्च में मदद मिलेगी।
इस काम में होगा प्रयोग

हालांकि यह काम 3 डीआर इनसैट 3 डी के साथ मिल कर करेगा जिसे 2013 में लॉन्च किया गया था। फिलहाल 3 डीआर का प्रयोग कोस्ट गार्ड, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जहाज और रक्षा सेवाओं के लिए किया जा रहा है।
जीएसएलवी- एफ05 की यह 10वीं उड़ान होगी जो 2,211 किलो वजनी वेदर सैटेलाइट को अपने साथ लेकर जाएगा। यह सैटेलाइट देश को मौसम संबंधी सेवाएं प्रदान करेगा।
लगेंगे 17 मिनट
जीएसएलवी एफ 05, इनसैट 3 डीआर को जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचाएगा जहां सैटेलाइट के सोलर पैनल तुरंत अपने काम में लग जाएंगे।
सैटेलाइट का कंट्रोल इसरो के मास्टर कट्रोल फैसिलटी हसन, कर्नाटक से होगा। सैटेलाइट के लॉन्च होने के बाद कुल प्रक्रिया में 17 मिनट लगेगा जिसमें इसके जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के सर्कुलर में पहुंचने को शामिल किया जाएगा।
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भारत के राष्ट्रपति ने दी बधाई
इसरो की इस सफलता पर भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शुभकामनाएं दी हैं। ट्वीट में प्रणब ने कहा है कि 'बहुत अच्छा इसरो टीम। हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम में मील का पत्थर स्थापित हुआ।'
उन्होंने लिखा है कि GSLV की पहली ऑपरेशन फ्लाइट है जिसमें वो क्रायोजेनिक अपर स्टेज के साथ गया है।
INSAT3DR के सफल प्रक्षेपण केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने भी इसको को बधाई दी। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा है इसरो ने एक बार फिर से देश को गौरवान्वित किया। GSLV रॉकेट ने सफलतापूर्वक वेदर सैटेलाइट को ऑर्बिट में भेजा।












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