Gaganyaan: गगनयान मिशन की लॉन्चिंग पर ISRO चीफ ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए क्या-क्या कहा?
Gaganyaan Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने शुक्रवार (20 सितंबर) को कहा कि भारत का पहला मानव अंतरिक्ष यान मिशन 'गगनयान' इस साल के अंत तक लॉन्च होगा। सोमनाथ ने कर्नाटक के बेंगलुरु में स्पेस एक्सपो में कहा कि गगनयान मिशन लॉन्च के लिए तैयार है। हम इसी साल के आखिर में इसे लॉन्च करने की पूरी कोशिश करेंगे।
सोमनाथ ने कहा, ''गगनयान को सावधानी से आगे बढ़ना है। बोइंग जैसी कोई और घटना नहीं होनी चाहिए। मैं नहीं चाहता कि बोइंग स्टारलाइनर के साथ जो हुआ, वह हो, इसलिए हमें बहुत सावधान रहना चाहिए।"

नासा द्वारा 5 जून को अंतरिक्ष यात्रियों के साथ लॉन्च किए गए बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली परीक्षण उड़ान 7 सितंबर को पृथ्वी पर लौटी, लेकिन अंतरिक्ष यात्रियों के बिना। अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष में अपने आठ दिनों के प्रवास को आठ महीने तक बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसरो चीफ सोमनाथ ने शुक्र ग्रह की खोज के महत्व पर भी दिया जोर
इसरो चीफ सोमनाथ ने शुक्र ग्रह की खोज के महत्व पर भी जोर दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत चार परियोजनाओं में वीनस ऑर्बिटर मिशन (वीओएम) भी शामिल है और इसके लिए 1,236 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
सोमनाथ ने कहा, "भविष्य पृथ्वी कुछ कारणों से रहने लायक नहीं रह जाएगी। इसलिए अगर आप मंगल और शुक्र ग्रह पर क्या हो रहा है, इसका अध्ययन नहीं करते हैं, तो संभवत हमारी आने वाली पीढ़ी प्रभावित होगी। शुक्र ग्रह इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत मंगल और चंद्रमा पर सफलतापूर्वक गया है।"
सोमनाथ ने कहा कि चूंकि इसरो द्वारा वर्तमान में संचालित प्रणालियों को बदलने के लिए बनाए जा रहे नेक्स्ट जनरेशन लॉन्च व्हीकल (एनजीएलवी) को विकसित करने में सात साल लगेंगे, इसलिए चूंकि शुक्र मिशन मार्च 2028 में लॉन्च होने की उम्मीद है, इसलिए इसे मौजूदा साधनों से ही लॉन्च किया जाएगा।












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