भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए तकनीकी छलांग की जरूरत: ISRO प्रमुख एस सोमनाथ

ISRO के प्रमुख एस. सोमनाथ ने भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए तकनीकी और क्रांतिकारी विकास पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत का लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होना है, तो इसे उत्पाद विकास और तकनीकी प्रगति के माध्यम से आगे बढ़ना होगा।

सोमनाथ ने यह विचार दिल्ली में इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) के 13वें दीक्षांत समारोह में व्यक्त किए। सोमनाथ के अनुसार, व्यापार और संसाधन से केवल सीमित विकास संभव है, जबकि लंबे समय तक आर्थिक मूल्य का निर्माण तकनीकी इनोवेशन और उत्पाद विकास से ही संभव है। उन्होंने कहा कि अगर भारत को दुनिया की तीसरी या दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, तो तकनीकी विकास की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।

ISRO Chief S Somanath

एलोन मस्क के कार्यों से प्रेरणा
सोमनाथ ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एलोन मस्क के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके रॉकेट और प्रौद्योगिकी ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा, "एलोन मस्क के काम से ISRO सहित दुनिया के अन्य अंतरिक्ष संगठन प्रेरणा ले रहे हैं।" मस्क की उपलब्धियां अंतरिक्ष अन्वेषण में निरंतर प्रगति के महत्व को दर्शाती हैं।

ISRO की उपलब्धियां और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की स्थिति
भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुका है, जिसमें चंद्रमा और मंगल मिशन शामिल हैं। सोमनाथ ने बताया कि भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में और अधिक इनोवेशन करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रणोदन और सामग्री विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति करना आवश्यक है।

निजी क्षेत्र की भूमिका और सरकार की पहल
भारत सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है, जिससे तकनीकी इनोवेशन और विकास की गति में तेजी आई है। ISRO प्रमुख का मानना है कि निजी भागीदारी से लागत में कमी आएगी, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और इससे अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होगा।

युवा इनोवेशन के लिए संदेश

सोमनाथ ने इस अवसर पर युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को तकनीकी इनोवेशन में सक्रिय रूप से योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उन्हें आजीवन सीखते रहने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास से कर सकें। सोमनाथ ने कहा कि नम्रता, ईमानदारी और अनुकूलन क्षमता सफलता के प्रमुख गुण हैं।

दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना का संबोधन
इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने स्नातकों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया, ताकि भारत विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ सके।

IIIT-दिल्ली के निदेशक की रिपोर्ट
IIIT-दिल्ली के निदेशक रंजन बोस ने 2023-24 के लिए निदेशक की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए COVID-19 के दौरान छात्रों द्वारा की गई ऑनलाइन पढ़ाई की कठिनाइयों का जिक्र किया। इन चुनौतियों के बावजूद, छात्रों ने लचीलापन और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।

दीक्षांत समारोह की मुख्य बातें
दीक्षांत समारोह में 516 बी.टेक, 199 एम.टेक, एक एम.टेक डुअल डिग्री और 29 पीएचडी छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था, जो उनके पेशेवर जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।

ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ का संदेश न केवल भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में था, बल्कि इनोवेशन और तकनीकी विकास को आत्मनिर्भरता के लिए अनिवार्य बताया। भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने के लिए तकनीकी विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी आवश्यक है। उनके इस विचारशील संदेश से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी कि वे अपने कौशल और इनोवेशन से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान करें।

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