ISIS में शामिल हुआ शारदा यूनिवर्सिटी का छात्र एहतेशाम लौटा घर, 28 अक्टूबर को हुआ था गायब
श्रीनगर। 28 अक्टूबर को शारदा यूनिवर्सिटी से गायब हुए कश्मीरी छात्र एहतेशाम बिलाल सोफी को श्रीनगर के डाउनटाउन से गिरफ्तार कर लिया गया है। कश्मीर के अखबार कश्मीर रीडर ने इस बात की जानकारी दी है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि बिलाल अपने परिवार की अपील पर अपने घर वापस लौट आया है। कश्मीर रीडर के मुताबिक बिलाल को उसके परिवार की मदद से ही राज्य पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्थानीय मीडिया ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बिलाल को खानयार से गिरफ्तार किया गया है। बिलाल आतंकी संगठन आईएसजेके में शामिल होने से पहले यहीं पर रह रहा था और यहीं से उसे हिरासत में लिया गया। आईएसजेके, आईएसआईस का ही हिस्सा है।

इंजीनियरिंग का छात्र बिलाल
बिलाल एक इंजीनियरिंग छात्र था और शारदा यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित इस यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बहस के बाद उसे पीटा गया था। आईएसआईएस के झंडे के सामने काले रंग के कपड़ों बिलाल की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस फोटो में उसने कई ग्रेनेड्स भी अपने शरीर पर बांधे थे। इसके साथ ही उसने आतंकवाद से जुड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद उसका एक ऑडियो टेप भी आया था जिसमें उसके आतंकवाद से जुड़ने की बात कही गई थी लेकिन इस टेप की पुष्टि नहीं की जा सकी थी। एहतेशाम के पिता ने कहा कि वह बस खुदा के शुक्रगुजार हैं कि मेरा बेटा घर लौट आया है। उसके पिता ने हालांकि बताया कि रविवार शाम पुलिस उसे को घर से ले गई है। वह बीमार था और उसके शरीर के एक हिस्से से खून निकल रहा था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि उसे चोट कैसे लगी थी।

नाम का ऐलान नहीं होगा
बिलाल की परेशान मां ने लगातार उससे अपील की थी कि वह घर वापस आ जाए। बिलाल की मां ने वीडियो मैसेज अपने बेटे को भेजे थे और उससे घर आने को कहा था। बताया जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी की पूरी योजना पुलिस ने बनाई थी। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर उसकी गिरफ्तारी का ऐलान तो किया लेकिन अभी नाम नहीं बताया है। पुलिस के हवाले से कश्मीर रीडर ने लिखा है, 'परिवार के मदद से पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और उसे मुख्यधारा में वापस लाया गया है। आगे की जानकारी का आप लोग इंतजार करिए।' पुलिस की ओर से बिलाल के नाम का ऐलान नहीं किया गया है।
इसलिए नाम नहीं सार्वजनिक करेगी पुलिस
पुलिस ने उसका नाम सार्वजनिक न करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि आतंकवाद का रास्ता छोड़ने के बाद उसे आम जिंदगी जीने में कोई परेशानी न हो। भले ही पुलिस ने अभी तक उसका नाम को सार्वजनिक नहीं किया है लेकिन एहतेशाम वह दूसरा आतंकी है जिसने घर लौटने के लिए आतंकवाद का रास्ता छोड़ा है। एहतेशाम से पहले फुटबॉलर से आतंकी बना माजीद खान भी साल 2017 में आतंकवाद को छोड़कर घर वापस आया था।












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