ISI की पहली पसंद क्यों होती हैं लड़कियां? Jyoti Malhotra से पहले कौन-कौन बनीं आंख-कान? यहां पढ़ें पूरी List
Jyoti Malhotra to Madhuri Gupta ISI Female Agents List: जब सरहद पर नहीं टिक सके, तो हसीनाओं से जासूसी कराने में जुटा- पाकिस्तान। आतंक के मुल्क पाक की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) जासूसी के लिए बार-बार हसीनाओं को ही क्यों चुनती है? इसका जवाब है - हनी ट्रैप, यानी जज्बातों का जाल। सोशल मीडिया के इस दौर में, ISI ने इस तकनीक को अपना सबसे असरदार हथियार बना लिया है।
कभी लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर भारतीय अफसरों और वैज्ञानिकों को अपने जाल में फंसाना, तो कभी उनकी भावनाओं से खेलना और फिर उनसे देश की गुप्त जानकारी निकलवाना - यही है ISI की रणनीति। खबर है कि पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इसमें एक लड़की भी शामिल है, जो चर्चित ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा है।

ज्योति पर आरोप है कि भारत के साथ गद्दारी की और ISI को गुप्त जानकारी लीक की। ISI ने समय-समय पर महिला एजेंटों का उपयोग कर भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। हालांकि, इन एजेंटों की पहचान और विवरण अक्सर गोपनीय रहते हैं, लेकिन कुछ मामलों में उनकी गतिविधियां सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं। आइए जानते हैं....
ISI की महिला एजेंट्स: भारत में सामने आए चर्चित मामले
केस-1. Jyoti Malhotra:ज्योति मल्होत्रा (2025)
हाल ही में हरियाणा-पंजाब से गिरफ्तार हुईं ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगा है। बताया गया कि वो ISI और पाक सेना के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी लीक कर रही थी। 5 अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार।
केस-2. सेजल और निशांत अग्रवाल केस (2024)
ब्राह्मोस एयरोस्पेस के वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल को 'सेजल' नामक महिला ने हनी ट्रैप में फंसाया। सेजल ने खुद को यूके की एक हायरिंग एजेंसी का हिस्सा बताया और निशांत से बातचीत शुरू की। निशांत को संपर्क में रहने के दौरान संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में दोषी ठहराया गया।
उस वक्त के यूपी एटीएस जांच अफसर पंकज अवस्थी ने अग्रवाल के मुकदमे के दौरान अपने बयान में कहा कि 'सेजल' नामक एक महिला ने पाकिस्तान से फेसबुक अकाउंट बनाया था। इसके जरिए वह पाकिस्तानी गुर्गों और अग्रवाल समेत अपने भारतीय लक्ष्यों से चैट करती थी। 2024 में, निशांत अग्रवाल को नागपुर की एक अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने इस सजा को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
केस-3. पूनम बजवा और सुनीता (2023)
राजस्थान के नरेंद्र कुमार ने 'पूनम बजवा' और 'सुनीता' नामक महिलाओं के साथ सोशल मीडिया पर संपर्क स्थापित किया, जो खुद को भारतीय नागरिक बताती थीं। बाद में पता चला कि ये दोनों महिलाएं ISI की एजेंट थीं, और नरेंद्र से कई सैन्य जानकारी हासिल कर चुकी थीं। नरेंद्र ऐसा फंसा कि उसे जेल की हवा खानी पड़ गई। हालांकि, लंबी जांच के बाद समाने आया कि पूनम और सुनीता नाम एक फर्जी पहचान थी।
केस-4. दामिनी मैकनॉट (2015)
दामिनी मैकनॉट , नाम की आड़ में एक महिला ने भारतीय वायुसेना के अधिकारी रंजीथ केके को हनी ट्रैप में फंसा लिया था। महिला ने भटिंडा में तैनात मुख्य विमान रखरखाव अधिकारी रंजीत केके को अपने जाल में फंसाया। उसने दावा किया कि वह ब्रिटेन स्थित एक मीडिया फर्म से है, जिसे एक लेख के लिए वायुसेना से संबंधित जानकारी की आवश्यकता है।
जाहिर तौर पर उसने अधिकारी को अपने जाल में फंसाकर गुप्त जानकारी साझा कर ली थी। रंजीथ को संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, लंबी जांच के बाद समाने आया कि दामिनी मैकनॉट नाम एक फर्जी पहचान थी, जिसका उपयोग एक महिला ने भारतीय वायुसेना के अधिकारी रंजीथ केके को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए किया था।

केस-5. Madhuri Gupta: माधुरी गुप्ता (2010)
यह मामला सबसे पुराना लेकिन बहुत हाई-प्रोफाइल था। माधुरी गुप्ता पाकिस्तान में भारतीय दूतावास में कार्यरत थीं। आरोप लगा कि उसने जमशेद और आईएसआई अधिकारी मुबशर रजा राना को 700 पेजों की गोपनीय जानकारी दी। माधुरी को तीन साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से उन्होंने लगभग 21 महीने तिहाड़ जेल में बिताए। वर्तमान में वह जेल से रिहा हो चुकी हैं।
ISI के हनी ट्रैप की रणनीति
- सोशल मीडिया: फेसबुक, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म से संपर्क बनाना।
- फर्जी पहचान: खुद को विदेशी नागरिक, पत्रकार या NGO वर्कर बताकर सामने आना।
- भावनात्मक जुड़ाव: बातचीत में प्यार, सहानुभूति या रिश्ते का एहसास कराना।
- गोपनीय जानकारी की मांग: धीरे-धीरे करियर या काम से जुड़ी जानकारी मांगना।
(इनपुट- मीडिया रिपोर्ट्स)












Click it and Unblock the Notifications