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कौन थे ईश्वरचंद्र विद्यासागर, जिनकी मूर्ति तोड़े जाने पर हो रहा है बवाल

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    Ishwar Chandra Vidyasagar कौन हैं, TMC BJP के बीच इनकी Statue Vandalize करने पर बवाल |वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में मंगलवार को अमित शाह के रोड शो के दौरान BJP-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई, यह झड़प हिंसा में बदल गई और इसी दौरान उपद्रवियों ने विद्यासागर कॉलेज में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को भी तोड़ दिया, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ने के लिए भाजपा के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए उन्हें गुंडा कहा है, इसी घटना का विरोध जताते हुए सांकेतिक तौर पर टीएमसी और पार्टी नेताओं ने अपने ट्विटर प्रोफाइल फोटो में विद्यासागर की तस्वीर लगाई है।

    चलिए विस्तार से जानते हैं कि कौन थे ईश्वरचंद्र विद्यासागर, जिनकी मूर्ति तोड़े जाने पर हो रहा है बवाल

    ईश्वर चन्द्र विद्यासागर बंगाल के पुनर्जागरण के स्तम्भों में से एक

    ईश्वर चन्द्र विद्यासागर बंगाल के पुनर्जागरण के स्तम्भों में से एक

    दरअसल ईश्वर चन्द्र विद्यासागर बंगाल के पुनर्जागरण के स्तम्भों में से एक थे, वो एक सामाज सुधारक थे, जिन्होंने भारत की महिलाओं की जिंदगी बेहतर बनाने का प्रयास किया और ब्रिटिश सरकार से विधवा पुनर्विवाह अधिनियम को पारित करने के लिए जोर दिया था, ईश्वर चंद्र विद्यासागर पेशे से एक शिक्षक थे, वह भारतीय समाज के कई वर्गों के द्वारा लड़कियों पर किये गए अन्यायों से बहुत दुखी थे।

    महिलाओं के सुधार के लिए किया था काम

    महिलाओं के सुधार के लिए किया था काम

    करमाटांड़ विद्यासागर कर्मभूमी थी, यह उच्चकोटि के विद्वान थे, उनकी विद्वानता की वजह से ही इन्हें 'विद्यासागर' की उपाधि दी गई थी, यह नारी शिक्षा के समर्थक थे, उनके प्रयास से ही कोलकाता समेत बंगाल के कई स्थानों महिलाओं के लिए स्कूल खोले गए थे।

    बेटे की शादी एक विधवा से कराई थी

    इन्हीं के प्रयासों से 1856 ई. में विधवा-पुनर्विवाह कानून पारित हुआ था, इन्होंने अपने इकलौते पुत्र का विवाह एक विधवा से ही किया था, इन्होंने बाल विवाह का भी विरोध किया।

    विद्यासागर ने बांग्ला भाषा को सरल बनाने के लिए भी किया था काम

    विद्यासागर ने बांग्ला भाषा को सरल बनाने के लिए भी किया था काम

    विद्यासागर एक दार्शनिक, शिक्षाशास्त्री, लेखक, अनुवादक, मुद्रक, प्रकाशक, उद्यमी, सुधारक एवं मानवतावादी व्यक्ति थे, इन्होंने बांग्ला भाषा के गद्य को सरल एवं आधुनिक बनाने का काम किया था, इन्होंने बांग्ला लिपि के वर्णमाला को भी सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी- शाह

    टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी- शाह

    हालांकि जहां टीएमएसी ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने के लिए अमित शाह को दोषी ठहराया है, वहीं आज दिल्ली में प्रेसवार्ता करके अमित शाह ने सारे आरोपों से इंकार करते हुए टीएमएसी पर ही सारा दोष मढ़ दिया है, अमित शाह ने कहा कि उनके रोड शो के दौरान कोई हिंसा का वातावरण नहीं था, बीजेपी के कार्यकर्ता शांतिपूर्वक रोड शो में चल रहे थे। लेकिन इस दौरान उनपर तीन बार हमले किए गए, आगजनी की गई, किरोसिन बम फेंके गए। शाह ने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों के पोस्टर फाड़े गए।

    टीएमसी साजिश रच रही है: अमित शाह

    अमित शाह ने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के मामले पर टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी और अब इसमें साजिश रची जा रही है। शाह ने कहा कि अगर सीआरपीएफ नहीं होती, तो मेरे लिए बच निकलना वाकई मुश्किल हो जाता।

    बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह के खिलाफ दो FIR दर्ज

    बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह के खिलाफ दो FIR दर्ज

    जबकि वहीं दूसरी ओर विद्यासागर कॉलेज में तोड़फोड़ के मामले में छात्र-छात्राओं ने आमरस स्ट्रीट थाने में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है। इसके अलावा कोलकाता विश्वविद्यालय के समक्ष हुए हंगामे को लेकर जोड़ासांको थाने में भी एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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