क्या भारत में ये कोरोना महामारी के अंत की शुरुआत है?
नई दिल्ली- कोरोना वायरस को लेकर बहुत ही अच्छी खबर है। उम्मीद है कि हम बहुत जल्द भारत से कोरोना वायरस महामारी की अंत की शुरुआत होते देख सकेंगे। अगर ताजा वैज्ञानिक अनुमानों की बात करें तो हमें दो हफ्तों तक और सावधानी के साथ दिल थामकर इंतजार करना है, उसके बाद देश में कोविड-19 महामारी की रफ्तार धीरे-धीरे कम पड़ने लग जाएगी। सबसे खुशी की बात तो यह है कि देश से कोरोना वायरस के खत्म होने की संभावित आखिरी तारीख भी बहुत ज्यादा दूर नहीं है और सबकुछ अनुमानों के मुताबिक चला तो वैक्सीन आने से पहले भी हम इस महामारी पर फतह हासिल कर लेंगे।

क्या भारत में ये कोरोना के अंत की शुरुआत है?
माना जा रहा है कि आने वाले दो हफ्तों में भारत में कोरोना वायरस महामारी अपने चरम पर पहुंच जाएगा। टाइम्स फैक्ट-इंडिया आउटब्रेक ने कोरोना वायरस को लेकर यह नया अनुमान जारी किया है। सबसे 'संभावित मॉडल' के मुताबिक 2 सितंबर तक भारत में ऐक्टिव केसों की कुल संख्या 7.87 लाख तक पहुंच जाएगी, इसके बाद यह वक्र 16 सितंबर तक चढ़कर चरम पर रहेगा, लेकिन फिर यहां के बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीरे-धीरे घटनी शुरू हो जाएगी। इन अनुमानों में उस अच्छी तारीख की भी भविष्यवाणी की गई है, जिस दिन भारत से कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

कई शहरों में बड़ी आबादी को मिली कोविड-19 से इम्यूनिटी
दरअसल, भारत के कुछ शहरों में हाल में हुए सीरो सर्वे के आंकड़े भी अच्छे संकेत दे रहे हैं और बहस इस बात पर हो रही है कि क्या दिल्ली, मुंबई और पुणे जैसे सबसे बुरी तरह प्रभावित रहे शहरों ने क्या आंशिक तौर पर हर्ड इम्यूनिटी प्राप्त कर ली है। कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि लोगों में एंटी बॉडी की जांच के लिए हुए सर्वे से पता चलता है कि कुछ जगहों पर लोगों ने इस वायरस के प्रति इम्यूनिटी प्राप्त कर ली है और इसे वे हर्ड इम्यूनिटी से जोड़ना चाहते हैं। लेकिन, इस विचार पर वैज्ञानिकों में एक राय नहीं है। वैसे, पुणे में हुए सीरो सर्वे से पता चला है कि वहां 50 फीसदी से ज्यादा लोगों को कोविड-19 से इम्यूनिटी मिल चुकी है, जबकि दिल्ली का ताजा आंकड़ा 29.1 फीसदी का है या मोटे तौर पर 58 लाख लोग पहले ही इस वायरस से एक्सपोज्ड हो चुके हैं।

इन राज्यों में दी गई तारीखों पर सबसे ज्यादा ऐक्टिव केस रहेंगे
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे अधिक ऐक्टिव केसों की संख्या (सबसे संभावित मॉडल के मुताबिक) 14 सितंबर को होगी, जब वहां एक साथ 2.23 लाख ऐक्टिव केस होंगे। जबकि, कर्नाटक में यह संक्रमण 28 अगस्त को अपने चरण पर होगा। इसी तरह बिहार में 1 सितंबर को कोरोना संक्रमण अपने सबसे उच्चतम स्तर पर होगा और ओडिशा में यह तारीख 14 सितंबर होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी 1 सितंबर को कोरोना संक्रमण अपने सबसे उच्चतम स्तर पर होगा, जिस दिन वहां सबसे ज्यादा ऐक्टिव केस होंगे। यानि ऐक्टिव केसों के मामले में ओडिशा के सबसे अंत में इसके चरम पर पहुंचे के आसार हैं।

ये राज्य सबसे बुरे दौर से बाहर निकल चुके हैं
बता दें कि इस अनुमान के मुताबिक तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्य सबसे ज्यादा ऐक्टिव केस के मामले में क्रमश: जुलाई और जून महीने में ही चरम पर पहुंच चुके हैं। इसी तरह राजस्थान और आंध्र प्रदेश भी अनुमानों के मुताबिक एक हफ्ते पहले ही अपने सबसे खराब फेज से बाहर निकल चुके हैं। यह वजह है कि इस रिपोर्ट के मुताबिक 3 दिसंबर, 2020 वह आखिरी तारीख बताई गई है, जब देश के कोरोना मुक्त हो जाने की संभावना है।

दुनिया में इस वक्त कहां है भारत ?
आज यानि 20 अगस्त, 2020 को भारत में कोविड-19 संक्रमण की कुल संख्या 28.37 लाख हो चुकी है, इनमें से ऐक्टिव केसों की संख्या 6.86 है। जबकि, करीब 21 लाख लोगों को संक्रमित होने के बाद इससे छुटकारा भी मिल चुका है। अगस्त की ज्यादातर तारीखों पर भारत में रोजाना नोवल कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। लेकिन, कुल संक्रमण के मामले में यह अभी भी अमेरिका (55.3 लाख) और ब्राजील (34.4 लाख) से काफी पीछे है। भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की बात ये हैं कि इन दोनों देशों के मुकाबले यहां कोरोना से मौत का आंकड़ा काफी कम है और इस बीमारी से बुरी तरह प्रभावित हुए देशों की तुलना भी बहुत कम है।












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