कर्नाटक के बिटकॉइन घोटाले की जांच करने FBI आई है भारत? CBI ने बताया
नई दिल्ली, 10 अप्रैल। कर्नाटक का कथित बिटकॉइन घोटाला अचानक से एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। इसकी वजह है अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई। कहा जा रहा है कि वह इस मामले की जांच करने के लिए अमेरिका की प्रमुख जांच एजेंसी एफबीआई की टीम भारत पहुंची है। कई कांग्रेस नेताओं ने यह दावा किया है कि अमेरिकी जांच एजेंसी मामले की जांच करने के लिए देश में है। इसे लेकर राज्य की बीजेपी सरकार भी निशाने पर है। विदेशी जांच एजेंसी के देश में होने पर भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बयान जारी किया है।

सीबीआई ने जारी किया बयान
केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा "यह सूचित किया जाता है कि एफबीआई ने इस मामले की जांच के लिए भारत में कोई टीम नहीं भेजी है और न ही इस मामले में एफबीआई ने भारत में जांच के लिए सीबीआई से कोई अनुरोध किया है।"
बयान में आगे कहा गया है, "इसे देखते हुए भारत में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच के लिए किसी भी अनुमति देने का सवाल ही नहीं उठता। सीबीआई भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में एफबीआई सहित अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ निकटता से समन्वय करती है।"
सीबीआई का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेताओं ने दावा किया एफबीआई इस मामले को देख रही है और सीएम बसवराज बोम्मई समेत कर्नाटक बीजेपी के नेताओं को चुनौती दी कि वह स्थिति साफ करें।
क्या है बिटकॉइन घोटाला?
बिटकॉइन घोटाला तब सामने आया था जब 2020 में श्रीकृष्ण रमेश नाम के एक शख्स को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जब जांच बढ़ाई तो पाया कि रमेश एक हैकर था और उसने कई ऑनलाइन क्राइम को अंजाम दिया था। यही नहीं उसने कथित तौर पर बिटकॉइन एक्सचेंजों से चोरी करने की बात भी कबूली।
मामले में विपक्ष के नेताओं ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया कि कई बीजेपी नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों को बिटकॉइन की रिश्वत दी गई थी। सीएम बोम्मई भी विपक्ष के निशाने पर रहे थे।












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