आमिर खान जरा फिल्म रंग दे बसंती को वो डायलॉग याद करिए
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने असहिष्णुता मुद्दे पर बयान देकर सनसनी फैला दी है। सोमवार की रात एक मीडिया ग्रुप के अवॉर्ड फंक्शन में आमिर खान ने कहा कि देश का माहौल देखकर एक बार तो पत्नी किरण ने बहुत बड़ी और डरावनी बात कह दी थी। किरण ने पूछा था कि क्या हमें देश छोड़ देना चाहिए? किरण बच्चों की हिफाजत को लेकर डर महसूस कर रही थीं।
आमिर के बयान को लेकर अच्छा खासा दंगल मच गया है। सोशल मीडिया पर आमिर की अच्छी खासी आलोचना भी की जा रही है। इसी बीच फिल्म रंग दे बसंती का एक डॉयलॉग याद आ गया है जिसे खुद आमिर खान ने ही बोला था। इस डायलॉग के बारे में आमिर खान एक बार फिर सोचें और फिर फैसला करें कि क्या असहिष्णुता के मुद्दे पर किरण राव की तरफ से दिए गये बयान का समर्थन करना सही है। # intolerance: आमिर बताये कि उन्हें मोदी चाहिए या औरंगजेब
फिल्म रंग दे बसंती में आमिर खान ने कहा था कि ''कोई भी देश परफेक्ट नहीं होता..... उसे बेहतर बनाना पड़ता है''। तो आईए आमिर खान के उन फिल्मों के बारे में छोटी सी चर्चा कर लेते हैं जिसने आमिर खान को बॉलीवुड का मिस्टर परफेक्शनिस्ट बनाया:

फिल्म लगान
फिल्म लगान में आमिर खान ने भुवन नाम का कैरेक्टर प्ले किया था जो एक अंग्रेजों की जुल्म से परेशान होकर उनसे क्रिकेट मैच जीतने की शर्त लगा बैठता है। इस फिल्म में आमिर खान ने कहा था ''सौ कोड़े मंजूर हैं मगर हम माफी नहीं मांगेंगे।

फिल्म मंगल पांडे
फिल्म मंगल पांडे में आमिर पांडे का यह डायलॉग काफी चर्चा में रहा था ''ये आजादी की लड़ाई है, गुजरे हुए कल से आजादी... आने वाले कल के लिए

फिल्म रंग दे बसंती
फिल्म रंग दे बसंती में आमिर खान ने कहा था कि ''कोई भी देश परफेक्ट नहीं होता..... उसे बेहतर बनाना पड़ता है''।

फिल्म सरफरोश
फिल्म सरफरोश में आमिर खान ने कहा था मैं अपने मुल्क को अपना घर समझता हूं












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