IPS ने बयां किया कम सैलरी का दर्द, लिखा-2005 से नौकरी कर रहा है 1 लाख भी नहीं हुई तनख्वाह
नई दिल्ली, 24 अप्रैल: सोशल मीडिया पर एक आईपीएस अधिकारी का ट्वीट इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल आईपीएस अधिकारी सूरज सिंह परिहारने कम सैलरी को लेकर ट्वीट किया है। मजाकिया लहजे में पुलिस अधिकारी ने लिखा कि, 2005 से लगातार जॉब में हूं, अभी तनख्वाह की फिगर 6 डिजिट में पहुंचना बाकी है...। बता दें कि हाल ही सूरज सिंह 'पुलिस की पाठशाला' नाम से एक नि:शुल्क लाइब्रेरी की शुरुआत करने को लेकर सुर्खियों में आए थे।

'अभी तनख्वाह की फिगर 6 डिजिट में पहुंचना बाकी है'
छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के एसपी सूरज सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि, '2005 से लगातार जॉब में हैं, अभी तनख्वाह की फिगर 6 डिजिट में पहुंचना बाकी है। पर आईपीएस दीपांशु काबरा सर की प्रेरणा से हाल में बनाए मेरे ट्विटर अकाउंट का कुनबा आज 6 डिजिट पहुंच गया है। दरअसल सूरज सिंह के हाल ही ट्विटर पर फॉलोवर्स की संख्या एक लाख के पार हुई थी। सूरज सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं।

हाल ही में खोली है पुलिस की पाठशाला
हाल ही में उन्होंने शहीद के नाम पर 'पुलिस की पाठशाला' लाइब्रेरी की शुरुआत की, जो कि पूरी तरह से नि:शुल्क है। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में सभी करियर कोर्सेज और एंट्रेंस एग्जाम की बुक्स उपलब्ध हैं। इस लाइब्रेरी को लेकर सूरज सिंह ने लिखा कि, मेरे साथ जुड़े लोग इतने शानदार हैं कि न केवल गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क #पुलिसकीपाठशाला बनाने में मदद की बल्कि कोरोना काल में अगणित लोगों की मदद संभव हो पाई और मुझे पूरा विश्वास है कि आगे जब भी जरूरत होगी, मेरे आवाह्न पर आप आगे आएंगे। साथ जुड़ने के लिए दिल से थैंक यू!

पुलिस की पाठशाला खोलने के पीछे बताई ये वजह
सूरज सिंह परिहार ने इस पुस्कालय की शुरुआत करने की पीछे की वजह बताई, उन्होंने कहा कि, पुलिस समाज की डॉक्टर होती है। समाज की बीमारियों को ठीक करने की जिम्मेदारियों पुलिस की होती है। पुस्तकालयर में उच्च गुणवत्ता की किताबें उपलब्ध कराकर शिक्षा और रोजगार का प्रसार ही वो दवाव है, जिससे समाज की बुरी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। इसलिए उन्होनें पुस्कालय की शुरुआत करने का फैसला लिया। सूरज अक्सर अपने अकाउंट से शानदार जानकारी साझा करते रहते हैं।












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