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International Tiger Day: भारत में कहां-कहां हैं सबसे ज्यादा टाइगर्स? जानें कौन-से राज्य हैं सबसे आगे

International Tiger Day 2025: 29 जुलाई को हर साल इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है-यह दिन न केवल बाघों की खूबसूरती और ताकत का उत्सव है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी है कि इन शाही जीवों का अस्तित्व आज संकट में है। एक सदी पहले तक एशिया के जंगलों में लाखों की संख्या में बाघ स्वतंत्र रूप से विचरण करते थे, लेकिन आज उनकी संख्या 3,890 से 4,000 के बीच सिमट कर रह गई है।

हालांकि इस गिरावट के बीच भारत एक उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। दुनियाभर में बचे कुल बाघों का 75% हिस्सा यानी लगभग 3,682 बाघ आज भारत में हैं। यह आंकड़ा न केवल भारत की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह भारत ने पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर वैश्विक नेतृत्व किया है।

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International Tiger Day की शुरुआत कैसे हुई?

2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए "टाइगर समिट" में 13 टाइगर रेंज देशों (जिनमें भारत, रूस, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार आदि शामिल थे) ने एक समझौता किया था। इस सम्मेलन में यह तय हुआ कि बाघों की संख्या को 2022 तक दोगुना किया जाएगा, जिसे "TX2 Goal" कहा गया। उसी सम्मेलन में हर साल 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे के रूप में मनाने का फैसला लिया गया, ताकि बाघों के संरक्षण के लिए वैश्विक समुदाय को एक मंच मिल सके।

टाइगर कहां-कहां बचे हैं?

बाघों की संख्या 100 साल पहले पूरे एशिया में व्यापक थी, लेकिन अवैध शिकार, जंगलों की कटाई, और अंगों की तस्करी ने उन्हें लगभग विलुप्ति के कगार पर पहुँचा दिया। 2022 के आंकड़ों के अनुसार:

देश बाघों की संख्या
1
भारत 3,682
2
रूस (साइबेरियन टाइगर) 500-600
3
इंडोनेशिया (सुमात्रा टाइगर) 400
4
नेपाल 350-400
5
मलेशिया 150
6
बांग्लादेश (सुंदरबन) 100-120
7
थाईलैंड 150
8
म्यांमार, भूटान, चीन 50 से भी कम

भारत: टाइगर्स के लिए सबसे सुरक्षित देश

1973 में शुरू हुए 'प्रोजेक्ट टाइगर' ने भारत में बाघों के संरक्षण की नींव रखी। आज देश में 53 टाइगर रिज़र्व हैं। 2018 में जहां टाइगर की संख्या 2,967 थी, वहीं 2022 तक यह संख्या 3682 तक पहुँच गई-यानी 24% की बढ़ोतरी। इस कामयाबी का श्रेय नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA), वन अधिकारियों और ग्राउंड-लेवल फॉरेस्ट गार्ड्स को जाता है।

भारत के प्रमुख टाइगर रिज़र्व:

  • जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड): 260 बाघ - देश में सर्वाधिक
  • बांदीपुर (कर्नाटक): 150
  • नागरहोल (कर्नाटक): 141
  • बांधवगढ़ (मध्य प्रदेश): 135
  • कान्हा (मध्य प्रदेश): 105
  • काजीरंगा (असम): 104
  • सुंदरबन (प. बंगाल): 100
  • ताडोबा (महाराष्ट्र): 97

राज्यवार बाघों की संख्या:

  • मध्य प्रदेश: 785
  • कर्नाटक: 563
  • उत्तराखंड: 560

ओडिशा के सिमिलिपाल में 'ब्लैक टाइगर' से नई उम्मीद

सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व, ओडिशा ने हाल ही में एक बड़ा बदलाव देखा है। Principal Chief Conservator of Forests (Wildlife) के अनुसार, सिमिलिपाल में अब 40 बाघ हैं, जिनमें 6 शावक, 17 मादा बाघिनें, और 13 काले बाघ (pseudo-melanistic) शामिल हैं।

ये "ब्लैक टाइगर" दुनिया में केवल यहीं पाए जाते हैं-एक दुर्लभ जेनेटिक विशेषता के चलते इनके शरीर पर धारियां इतनी गहरी होती हैं कि ये लगभग पूरी तरह काले दिखते हैं। 2023-24 की All Odisha Tiger Estimation के मुताबिक, राज्य में 27 व्यस्क बाघ और 8 शावक पहले पाए गए थे, लेकिन अब संख्या बढ़ने के संकेत हैं। वन अधिकारियों का अनुमान है कि 2030 तक यह संख्या 60 से अधिक हो सकती है।

इंटरनेशनल टाइगर डे 2025 पर भारत की कहानी उम्मीद से भरी है, लेकिन बाघों की रक्षा की यह लड़ाई अभी अधूरी है। जहां एक ओर सिमिलिपाल जैसे रिजर्व नई आशाओं की किरण जगा रहे हैं, वहीं अवैध शिकार, मानव-बाघ संघर्ष और पारिस्थितिक असंतुलन जैसी समस्याएं अब भी मुंह बाए खड़ी हैं।

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