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International Forest Day 2023: जल-जंगल और जमीन इंसानों के लिए क्यों जरूरी हैं? जानिए रोचक बातें

International Forest Day 2023 हर साल 21 मार्च को सेलिब्रेट किया जाता है। इस मौके पर जानिए जंगलों से जुड़ी कुछ रोचक बातें। यह भी समझने का प्रयास करेंगे कि आखिर इंसानी जीवन के लिए जंगल इतने जरूरी क्यों हैं?

International Forest Day 2023

International Forest Day 2023 कई मायनों में अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि बदलते दौर, इंडस्ट्री और कंक्रीट के फैलते जाल और धड़ल्ले से काटे जा रहे पेड़ चिंताजनक तस्वीर पेश करते हैं। पर्यावरण और जंगलों की अहमियत समझने के लिए हमें Tree Plantation और Green Land जैसे मुद्दों पर सोचना पड़ेगा।Environment से ही इंसान और Wild Life दोनों का अस्तित्व है। इस लिहाज से हमें सह अस्तित्व का महत्व भी समझना पड़ेगा।

एक अफ्रीकन कहावत है, कुल्हाड़ी भूल जाती है, पेड़ याद रखता है। (The Axe Forget but the Tree Remembers) शायद इस अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर ये कहावत सबसे सटीक है। शायद इसलिए क्योंकि इस बात को समझने और प्रकृति से खिलवाड़ बंद करने का सही वक्त आ चुका है। भारत की संस्कृति में प्रकृति और धरती को मां कहा गया है, इस आधार पर वन का सम्मान करना शुरू करें। 21 मार्च के दिन खास तौर पर जंगलों की जरूरत का एहसास करें।

अंतरराष्ट्रीय वन दिवस 2023 का महत्व इसलिए भी है क्योंकि संचार के माध्यमों और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के कारण वनों का महत्व और इनके बारे में जागरूकता अधिक लोगों तक फैलाई जा सकती है। संयुक्त राष्ट्र डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) के आह्वान पर हर साल 21 मार्च को वर्ल्ड फॉरेस्ट डे मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम जंगल और सेहत (Forests and health) है। इस खास दिन से जुड़ी कुछ अहम बातों पर एक नजर।

अंतरराष्ट्रीय वन दिवस 2022 के मौके पर संयुक्त राष्ट्र (UNDP) के अनुसार, 60,000 से अधिक वृक्ष प्रजातियों के साथ, दुनिया भर में लगभग 80% स्थलीय जैव विविधता (terrestrial biodiversity) वन में पाई जाती है। लगभग 1.6 अरब लोग भोजन, आश्रय, ऊर्जा, चिकित्सा और आय के लिए प्रत्यक्ष रूप से वनों पर निर्भर हैं।

जंगलों से जुड़ी रोचक बातों पर यूएनडीपी ने शॉर्ट वीडियो क्लिप भी शेयर की थी। वीडियो कैप्शन में UNDP ने लिखा, इस अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर आइए लोगों की भलाई के लिए वनों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए काम करें-

UNDP ने वन और पर्यावरण से जुड़ी एक और अहम बात को रेखांकित करते हुए 18 मार्च को ग्लोबल रिसाइकल डे के मौके परकुछ जरूरी बातें शेयर कीं। इसमें बताया गया कि इंसान ने आज तक 8.3 बिलियन मीट्रिक टन प्लास्टिक का उत्पादन किया है। इसका मतलब धरती पर प्रत्येक शख्स करीब 1 टन प्लास्टिक के बराबर का हिस्सेदार है।

UNDP के अनुसार हमें प्लास्टिक उत्पादों की रीसाइक्लिंग पर जोर देना चाहिए। इनके दोबारा इस्तेमाल और प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करके प्लास्टिक प्रदूषण रोक सकते हैं। यूएन के मुताबिक प्लास्टिक से किनारा करने के बाद इंसानों की सेहत के साथ-साथ समुद्र को भी बेहतर किया जा सकता है। इतनी भारी मात्रा में प्लास्टिक वन और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।

नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (NCSM) ने अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर पेंटिंग कॉन्टेस्ट का आयोजन कर रहा है। ट्विटर हैंडल पर पोस्ट आमंत्रण में ओडिशा के ढेकनाल में पर्यावरण और वनों पर अभिव्यक्ति के लिए संस्कृति मंत्रालय की तरफ से लोगों को इन्वाइट किया गया है।

बता दें कि ट्विटर हैंडल @mygovassam पर असम सरकार ने एक तस्वीर के साथ एक साल पहले लोगों से जंगलों को बचाने का आह्वान किया गया था। इस ट्वीट में कहा गया, समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए वन महत्वपूर्ण हैं। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर, स्थायी आजीविका के लिए वनों के संरक्षण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। इस आइकॉनिक तस्वीर में जंगलों को फेफड़े की तरह दिखाया गया है।

इस दिन वनों की कटाई जैसे मुद्दे पर बात होती है। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के मौके पर स्थानीय और वैश्विक गतिविधियों को संयुक्त राष्ट्र, देशों की सरकारें, सामुदायिक संगठन और आम जनता शेयर करती हैं।

अंतरराष्ट्रीय वन दिवस 2022 की थीम "वन और सतत उत्पादन और खपत" (Forests and sustainable production and consumption) थी। पृथ्वी पर जीवन चक्र को समझने के प्रयास के तहत वन दिवस के दिन की गतिविधियां की जाती हैं। इनमें वृक्षारोपण अभियान, प्रेरक फोटो शेयर करना, पेड़ों और जंगलों के महत्व को दिखाना, सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर की जाती है।

International Forest Day का इतिहास

वन दुनिया के लगभग एक तिहाई भूभाग को कवर करते हैं। लोगों की संस्कृति और आजीविका वनों पर निर्भर होती है। वनों में जानवरों और कीड़ों को आश्रय देने के अलावा इंसानों के जीवन के लिए ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड देने की क्षमता होती है। हवा में नमी को संतुलित करने, नदियों को ताजे पानी की आपूर्ति में भी वनों की अहम भूमिका है।

European Confederation of Agriculture ने 1971 में, 23वीं आम सभा के दौरान विश्व वानिकी दिवस (World Forestry Day) की शुरुआत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (UNFAO) ने हर साल 21 मार्च को वर्ल्ड फॉरेस्ट डे मनाने का फैसला किया। पेड़ों के महत्व के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए इस कार्यक्रम का निर्णय लिया गया।

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    28 नवंबर 2012 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया गया था। 21 मार्च को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व वानिकी दिवस और अंतरराष्ट्रीय वन दिवस को मिलाकर हर साल 21 मार्च को इंटरनेशनल फॉरेस्ट डे मनाने का फैसला लिया। इस दिन वनों, वृक्षों, पौधों की अहमियत को समझने की जरूरत पर बल दिया जाता है, क्योंकि इससे कच्चा माल मिलता है। स्थानीय रोजगार और आय का स्रोत भी जंगल ही होते हैं।

    हम वन दिवस क्यों मनाते हैं?

    यूं तो दिन हमारे जीवन में जंगलों की अहमियत पर न जाने कितनी बातें लिखी जा चुकी हैं, लेकिन भागदौड़ भरे इस जीवन में एक दिन फुर्सत से जल-जंगल और जमीन के बारे में सोचने और पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूकता के लिए समर्पित एक दिन 21 मार्च होता है। धरती पर जीवन चक्र को संतुलित करने के लिए वनों के मूल्य, महत्व और योगदान को समझने मद्देनजर ये दिन की काफी महत्वपूर्ण है। संक्षेप में इतना कि ब्रह्मांड के सबसे अनोखे ग्रह पृथ्वी पर मौजूद सभी प्रकार के वनों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 21 मार्च को अंतरराष्ट्रीय वन दिवस मनाया जाता है।

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