यूपी की पहली महिला इंटरनेशल फुटबॉलर पूनम चौहान की डेंगू से मौत
यूपी की पहली महिला इंटरनेशनल फुटबॉलर पूनम चौहान की डेंगू से मौत हो गई है। पूनम साउथ एशियन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य थीं।
वाराणसी। डेंजरस डेंगू से मरने वालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी खतरनाक बीमारी ने एक फुटबॉल खिलाड़ी की जान ले ली है। वाराणसी की रहने वाली इंटरनेशल महिला फुटबॉलर पूनम चौहान का कल रात निधन हो गया।

वो वाराणसी के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। पिछले सात दिनों से उन्हें तेज बुखार था। रविवार को हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घरवालों के मुताबिक मंगलवार को अचानक उनके प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगे जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पूनम की मौत ने पूरे शहर को झंकझोर कर रख दिया है।
पूनम के पिता ने बताया कि खराब तबीयत की जानकारी मिलते ही अस्पताल में कई अधिकारी पहुंच गए थे। इसके साथ ही अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी भी मदद के लिए पहुंचे थे। सभी ने कहा कि जितने खून की जरूरत है वह देने के लिए तैयार हैं लेकिन सारे इंतजाम कम पड़ गए।
यूपी की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला फुटबॉलर थीं पूनम
पूनम चौहान उत्तर प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय महिला फुटबॉलर थीं। वो साउथ एशियन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य थीं। पूनम फिलहाल सिगरा स्टेडियम में फुटबॉल की ट्रेनर थीं। बीमारी से पहले राज्य की फुटबॉल चैंपियनशिप की तैयारी में लगी हुई थीं।
बेस्ट स्ट्राइकर थीं पूनम
पूनम के कोच मुश्ताक अली ने उन्हें नेशनल टीम का बेस्ट स्ट्राइकर बताया है। मुश्ताक अली के मुताबिक पूनम का खेल और रफ्तार सामने वाली टीम का हौसला पस्त कर कर देते थे।
पिता के साथ स्टेशनरी दुकान चला रही थीं पूनम
पूनम पिछले कुछ समय से शिवपुर में पिता के साथ स्टेशनरी की दुकान चला रही थीं। आपको बता दें कि चार बार यूपी टीम की कैप्टन रह चुकी पूनम के सभी भाई बहन अच्छे खिलाड़ी हैं, भाई कृष्णा भी यूपी फुटबॉल टीम का सदस्य रह चुका है, जबकि छोटा भाई उत्तर प्रदेश स्पोटर्स कालेज में अध्ययन रत है, बड़ी बहन यूपी फुटबॉल टीम की मैनेजर रह चुकी हैं ।












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