काटजू बोले मैं भी कश्मीरी, ऐसे ठगों के लिए मेरा डंडा इतंजार कर रहा है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़क किनारे ड्राई फ्रूट्स बेच रहे दो कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने गुस्सा जाहिर किया है। ट्वीट कर काटजू ने कहा है कि ऐसे ठगों के लिए उनका डंडा इंतजार कर रहा है। उन्होंने लिखा है कि 'गरीब और असहाय लोगों पर हमला करने के बदले वो ठग आएं और मुझपर हमला करें, मैं भी कश्मीरी हूं। उन्होंने आगे लिखा- ऐसे ठगों के लिए मेरा डंडा इतंजार कर रहा है'।

वहीं इस मामले पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लखनऊ में कश्मीर के दो विक्रेताओं पर हमले जैसी घटनाएं जम्मू-कश्मीर में भारतीयता के विचार को किसी भी अन्य चीज से ज्यादा नुकसान पहुंचाएंगी। अब्दुल्ला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, 'जम्मू कश्मीर में भारतीयता के विचार को इस तरह के विडियो से बहुत ज्यादा नुकसान होगा। आरएसएस/ बजरंग दल के गुंडों का कश्मीरियों के साथ सड़कों पर इस तरह की मारपीट करते रहना और फिर उसका भारत का 'अटूट अंग' होने जैसे विचार को बेचने की कोशिश करना, यह साथ-साथ संभव नहीं।'
पूर्व मुख्यमंत्री उस विडियो पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें लखनऊ में दो कश्मीरियों के साथ एक समूह मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब्दुल्ला ने पूछा, 'प्यारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साहिब, इसी के खिलाफ आपने बोला था और फिर भी यह ज्यों का त्यों जारी है। यह वह राज्य है जिसे आपके द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री ने चलाया। क्या हम इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं या हम आपकी चिंता एवं आश्वासनों को एक जुमला समझें जिसका मकसद दिलासा देने से ज्यादा कुछ नहीं था?'
आपको बता दें कि डालीगंज इलाके में दो कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बुधवार को हुई इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने गुरुवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। वह विश्व हिंदू दल का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। दोनों पीड़ितों में से एक का आरोप है कि घटना के वक्त भी पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन आरोपियों की बजाय उसे ही थाने ले आई थी। तब उसका दूसरा साथी डरकर घटनास्थल से भाग गया था। इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें मारपीट करने वाले कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसा व्यापारियों के कश्मीरी होने की वजह से किया। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि वे सड़क किनारे ड्राई फ्रूट्स बेच रहे थे। तभी तीन-चार युवक वहां से कार से पहुंचे। उनसे आधार कार्ड मांगा फिर उनकी पिटाई शुरू कर दी। कुछ राहगीरों ने उन्हें बचाया। हमलावर भगवा रंग के कपड़े पहने थे।












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