'INS Vikrant परिश्रम, प्रतिभा और प्रतिबद्धता का प्रमाण', जानिए PM मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
नई दिल्ली, 02 सितंबर। आज पूरे भारत के लिए इतराने का दिन है। आज देश का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत इंडियन नेवी में शामिल हो चुका है, नरेंद्र मोदी ने कोचीन में आईएनएस विक्रांत को देश को समर्पित करते हुए इसे देश की शान कहा है। उन्होंने अपने भाषण में इसे भारत की ताकत बताते हुए कहा कि INS विक्रांत केवल एक युद्धपोत नहीं है बल्कि यह 21वीं सदी के भारत के परिश्रम, प्रतिभा, प्रभाव और प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आइए जानते हैं PM मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें...

आज भारत सक्षम, समर्थ और शक्तिशाली बन गया
पीएम मोदी ने कहा कि 'जिस वक्त हमारा देश आजाद हुआ था, उस वक्त आजादी के लिए आंदोलन के वक्त हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस सक्षम, समर्थ और शक्तिशाली देश होने का सपना देखा था, वो आज पूरा हो गया है, उन सभी बातों का एक ही जवाब है 'INS विक्रांत'।

' INSविक्रांत अलग है,विशेष है'
उन्होंने आगे कहा कि 'अगर समंदर में चुनौतियां अनंत है तो इसका एक ही जवाब है और वो है 'INS विक्रांत , ये बड़ा है, भव्य है, अलग है, विशेष है, ताकत है, अपनी एक विकासयात्रा है।'

'विक्रांत ने भारत को नए भरोसे को जन्म दिया'
पीएम मोदी ने कहा कि "आज भारत स्वदेशी तकनीक से इतने बड़े विमानवाहक पोत बनाने वाले देशों में शामिल हो गया है। विक्रांत ने भारत को नए भरोसे को जन्म दिया है। यह पल ऐतिहासिक है, मैं भारतीय नौसेना, सभी इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और श्रमिकों का आभार व्यक्त करता हूं।''
विकसित राज्य की दिशा में बड़ा कदम
''इस तरह के एयरक्राफ्ट कैरियर सिर्फ विकसित देश ही बनाते थे। आज भारत ने विकसित राज्य की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।"

'आज भारत ने गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया'
पीएम मोदी ने कहा कि 'आज 2 सितंबर, 2022 की ऐतिहासिक तारीख को, इतिहास बदलने वाला एक और काम हुआ है। आज भारत ने गुलामी के एक बोझ को अपने सीने से उतार दिया है। आज से भारतीय नौसेना को एक नया ध्वज मिला है, ये गौरव की बात है।'
नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी
PM मोदी ने कहा कि जब विक्रांत हमारे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उतरेगा, तो उस पर नौसेना की अनेक महिला सैनिक भी तैनात रहेंगी। समंदर की अथाह शक्ति के साथ असीम महिला शक्ति, ये नए भारत की बुलंद पहचान बन रही है। आपको बता दें कि कोचीन शिपयार्ड पर तैयार किए गए इस विमान वाहक पोत के निर्माण में करीब 20,000 करोड़ रुपये लगे हैं।












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